वॉट्सऐप कंपनी ने मैसेज के ओरिजिन (सोर्स) को स्कैन करने वाले फीचर को भी जोड़ने से इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली। भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों के बाद मोब लिंचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भारत सरकार उठाए कदम का वॉट्सऐप ने स्वागत किया है। वॉट्सऐप ने भारत सरकार की एक शर्त को छोड़कर अन्य सभी शर्तों पर अपनी सहमति जताई है। वहीं, वॉट्सऐप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मैसेज का सोर्स नहीं बता सकता। वॉट्सऐप कंपनी ने मैसेज के ओरिजिन (सोर्स) को स्कैन करने वाले फीचर को भी जोड़ने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, बताया जा रहा है कि सोर्स बताने संबंधी सवाल पर सरकार को दिए अपने जवाब में वॉट्सऐप ने कहा है कि कंपनी यूजर का डेटा एक्सेस कर पाने में असमर्थ है। इसके साथ ही यूजर की निजिता के साथ भी कोई छेड़छाड़ संभव नहीं है। कंपनी के एक सीनियर एग्जिक्युटिव के अनुसार डेटा यूजर्स की डिवाइस में सेव होता है और इसके लिए कंपनी के साथ—साथ गूगल और ऐपल को भी अपने मेसेजिंग सर्विसेज सिस्टम को पूरी तरह से चेंज करना पड़ेगा। आपको बता दें कि वॉट्सऐप पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज के फैलने के बाद लिंचिंग जैसी घटनाओं को लेकर गंभीर सरकार ने कंपनी के सामने कुछ शर्तें रखी थी। यह नहीं केंद्र सरकार की इस पहल के बाद वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डैनियल ने केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से दिल्ली में मुलाकात थी। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने वाट्सऐप से फेक न्यूज और अफवाहों को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की थी।
आपको बता दें कि अकेले भारत में ही वॉ्टसऐप के 1.5 बिलियन से अधिक ऐक्टिव यूजर्स हैं। वॉ्टसऐप के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है।