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इस बार क्यों सबको सता रही है दिल्ली की सर्दी, सामने आई कई वजहें

इस बार अपेक्षाकृत ज्यादा जल्दी आ गई सर्दी। ठंडा दिन और शीत लहर एक साथ आना भी परेशानी। नए साल में बारिश और ओले गिरने की भी संभावना।

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सर्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली। हर साल के अंत में दिल्ली की सर्दी का जिक्र जरूर आता है। हालांकि इस बार दिल्ली की सर्दी लोगों को अलग नजर आ रही है और हाड़ कंपाती दिख रही है। इस बार की तेज शीत लहर, काफी ठंडा दिन, रिकॉर्ड तोड़ता तापमान और घना कोहरा अभी भी राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

आमतौर पर दिसंबर दिल्ली में कड़ाके की ठंड वाला महीना नहीं होता है। लेकिन इसके उलट पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार सर्दियां जल्दी आ गईं। और सर्दी के इस मौसम की शुरुआत के बाद से ही तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में आइए उन सभी वजहों को देखते हैं जिनसे दिल्ली में असामान्य ठंड हुई है।

1997 के बाद से दिल्ली में सबसे ज्यादा ठंड के दिन हुए दर्ज

अब तक दिल्ली में ठंड के दिनों की संख्या 11 दर्ज की गई है, जो 1997 के बाद से सबसे अधिक है। ठंडे दिन की स्थिति तब घोषित की जाती है जब मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। दिल्ली और एनसीआर में अभूतपूर्व सर्दी का कहर बरपा हुआ है, जिससे पारा ऊपर बढ़ता नहीं दिख रहा। लंबे समय से अधिकतम तापमान अब 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है।

दिल्ली को खतरनाक शीत लहर ने जकड़ा

दिल्ली में शायद ही कभी दिसंबर के महीने के दौरान तापमान 3 डिग्री से नीचे जाता है। इस बार पिछले सभी रिकॉर्डों को तोड़ते हुए सफदरजंग केंद्र ने 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। यह इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है और 2013 के बाद से दिसंबर के दौरान दर्ज किया गया सबसे कम तापमान भी। वास्तव में आया नगर और लोधी रोड जैसे केंद्र पर इससे भी कम तापमान क्रमशः 1.9 डिग्री सेल्सियस और 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

एक ही वक्त ठंडा दिन और शीत लहर की स्थिति

शीत दिवस यानी ठंडे दिन और शीत लहर की स्थिति शायद ही कभी एक साथ देखने को मिलती है। ज्यादातर किसी भी इलाके में इन दोनों स्थितियों में से एक ही नजर आती है। हालांकि इस समय दिल्ली में एक ही समय में ठंडे दिन और शीत लहर दोनों बने हुए हैं। कड़ाके की ठंड दिन और रात दोनों को बेहद ठंडा बना रही है, जो दिल्लीवालों के लिए एक बुरे सपने से कम नहीं है।

घने कोहरे ने राजधानी को गिरफ्त में लिया

दिल्लीवालों की सुबह एक बड़े हिस्से में 0 मीटर तक दृश्यता के साथ घने कोहरे वाली सुबह के साथ हुई। वास्तव में पालम केंद्र सुबह 3 बजे से शून्य दृश्यता दर्ज कर रहा है और कुछ समय पहले तक पूरे इलाके को कोहरे के एक मोटे कंबल से ढका देखा जा सकता था।

पालम केंद्र पर आज न्यूनतम तापमान सबसे कम

सफदरजंग (2.4 ℃) के बाद अब पालम केंद्र पर आज सुबह सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्यिसस दर्ज किया गया। वास्तव में पालम पर 2007 के बाद से यह सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। हर दिन नए रिकॉर्ड स्थापित करती ठंड आने वाले वक्त में और ज्यादा कड़ाके की ठंड की ओर इशारा कर रही है।

दिल्ली-एनसीआर का पूर्वानुमान

हालांकि मौसम विज्ञानी अगले कुछ दिनों में ठंड के तापमान से कुछ राहत मिलने की भविष्यवाणी कर रहे हैं जिसकी वजह ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवा की दिशा में बदलाव के कारण तुलनात्मक रूप से पूर्व की गर्म हवाओं के आने की संभावना है। हालांकि वक्त के साथ हवाओं की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप सर्दी में बढ़ोतरी ही होगी और राहत नहीं मिलती नजर आ रही।

मौसम मॉडल हिमालय पर एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के मद्देनजर 1 और 2 जनवरी को ओले गिरने के साथ बारिश की संभावना का संकेत दे रहे हैं। जब तक यह सिस्टम बाहर निकलेगा, इसके बाद तुरंत एक और सिस्टम यहां आने की संभावना है, जिससे इलाके में और बारिश लाने की उम्मीद है। इसलिए इस बार नए साल का स्वागत दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बारिश के साथ ही कंपकंपाती ठंड से होने की संभावना है।

Updated on:
30 Dec 2019 06:26 pm
Published on:
30 Dec 2019 06:25 pm
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