धरती ने मानव को जीवित रहने के लिए सब कुछ दिया है। इंसान का भी फर्ज बनता है कि वह इस धरती को साफ-सुथरी रखें।
नई दिल्ली। हर साल 22 अप्रैल को दुनियाभर में वर्ल्ड अर्थ डे (world Earth Day) यानि विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पूरी दुनिया में पृथ्वी को बेहतर बनाने के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस दिन पर्यावरण सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए दुनिया भर में कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह कार्यक्रम हर साल आयोजित होते है। धरती ने मानव को जीवित रहने के लिए सब कुछ दिया है। इस दिन इंसान का भी फर्ज बनता है कि वह इस धरती को साफ-सुथरी रखें। धरती पर ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाएं। इसके साथ ही ऊर्जा का संरक्षण भी करे। आइए जानते है कोरोना वायरस के बीच धरती को कैसे सुरक्षित रख सकते है।
ऐसे धरती की सुरक्षा
पूरी दुनिया इस समय महामारी कोरोना संकट से जूझ रही है। कोरोना वायरस के बीच सुरक्षित बनाए रखते के लिए हमें कुछ करना चाहिए। पृथ्वी दिवस 2021 पर हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि धरती को बचाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
— हम सभी का कर्तव्य है कि जरूरी स्थानों पर ज्यादा ज्यादा नए पेड़ लगाए।
— परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर पेड़ पर पक्षी के लिए घोंसला बनाए और पारिस्थितिकी तंत्र पर उनकी भूमिका के बारे में बात करें।
— भूमि और जल प्रदूषण को रोकने के लिए प्लास्टिक थैलों का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें।
— पुराने सामानों का पुनर्चक्रण और दुबारा प्रयोग करने के बारे में अपने सीखे और बच्चों को भी इसके बारे में जानकारी दे।
— विभिन्न व्यवहारिक संसाधनों के ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों को बढ़ावा दें।
— पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए पेटिंग, गाने, वीडियो के जरिए लोगों को प्रेरित करें।
— लोगों को बताए कि हर दिन पृथ्वी दिवस है, इसलिये रोजाना धरती का ध्यान रखना चाहिए।
लॉकडाउन के कारण वायु गुणवत्ता में आया काफी सुधार
पिछले 1 साल से पूरी दुनिया महामारी कोरोनावायरस से जूझ रही है। कोरोना के कारण कई देशों में एक बार फिर लॉकडाउन लगाया गया है। मौजूदा समय में इंसान अपनी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कोरोना काल में ऐसा कुछ देखने को मिला जो काम सालों से कई सरकारी नहीं कर पाई। लॉकडाउन लगने के कारण सभी लोग अपने- अपने घरों में कैद हो गए। जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बंदी के दौरान वाहन की आवाजाही और निर्माण कार्य पर रोक लगाने के बाद देश के कई शहरों में सांस लेने लायक हवा मिल रही है। वातावरण पहले से कहीं ज्यादा साफ हो चुका है। लॉकडाउन के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार नजर आया।
नदियों में प्रदूषण में कमी
इतना ही नहीं महीनों तक कई उद्योग बंद हो गए। कहने का मतलब यह है कि कारखाने बंद होने से और सड़कों पर वाहन नहीं चलने से वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान लोगों को अच्छी, साफ और ताजा हवा मिली। वहीं कारखाने बंद होने से नदियों में प्रदूषण में कमी देखने को मिली है।