
नई दिल्ली। यस बैंक ( Yes Bank ) आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बैंक में जिन लोगों का भी खाता है वो काफी परेशान हैं। उन्हें अपना पैसा डूबने का डर सता है। वहीं, रिजर्व बैक ऑफ इंडिया ( RBI ) ने यस बैक से पैसे निकालने की सीमा 50 हजार रुपए तय की है। जिससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार रात से आई इस ख़बर के बाद लोग यस बैंक की ब्रांच और एटीएम के बाहर पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े हैं। ये हाल एक दो राज्य नहीं बल्कि पूरे देश का है।
मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मुंबई में यस बैंक ( Yes Bank ) की ब्रांच के बाहर लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है। लोग अपना पैसा निकालने के लिए परेशान दिख रहे हैं। बैंक की लाइन में खड़े चंदन चोटरानी नाम के शख्स आपबीती सुनाते हुए भावुक हो पड़े। उन्होंने बताया कि 6 महीने पहले वे इसी तरह बैंक की लाइन में लगे थे, जब पीएमसी बैंक घोटाला सामने आया था।
उन्होंने बताया कि पीएमसी बैंक घोटाने ने उनकी सास की जान ले ली। दरअसल, चंदन और उनकी पत्नी का पीएमसी बैंक में अकाउट था। जब चंद की पत्नी ने अपनी मां को अपनी परेशानी के बारे में बताया तो उसके अगले ही दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
6 महीने में दो बैंक बंद
चंदन ने कहा कि मुझे नहीं पता मैंने ऐसी क्या गलती कर दी जिसकी मुझे ऐसी सजा मिल रही है। 6 महीने में दो बैंक बंद हो गए हैं। समझ नहीं आ रहा कि हमारे बैंकिंग सिस्टम में क्या गलत हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने यस बैंक ( Yes Bank ) से पैसे निकाले थे लेकिन अभी भी बहुत सा पैसा फंसा हुआ है।
निकासी की सीमा 50 हजार
आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक का संचालन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI ) ने अपने हाथों में ले लिया है। जिसके बाद बैंक से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गई है। आरबीआई के मुताबिक, उपभोक्ता इस महीने में 50 हजार रुपए तक की निकासी कर सकता है।
बैंक के पूर्व सीईओ पर लुक आउट नोटिस
यस बैंक ( Yes Bank ) के पूर्व सीईओ राणा कपूर ( Rana Kapoor ) के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। प्रवर्तन निदेशाल (ED) तलाशी के लिए उनके घर पहुंची है। ईडी ने राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा डीएचएफएल के घोटाले को लेकर राणा कपूर के घर ईडी ने छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया। बता दें कि DHFL पर आरोप है कि उसने 79 फर्जी कंपनियों और एक लाख फर्जी ग्राहकों की मदद से लगभग 13,000 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।