Highlights सर्वे में ज्यादातर लोग चाहते है कि वे अपने घरों में रहें ताकि इस महामारी से सुरक्षित रह सकें। लोगों ने कहा,पीएम बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) इस तरह की कोई छूट न दें।
लंदन। ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए करीब एक माह से यहां पर लॉकडाउन (lockdown) लगा है। अब यहां की सरकार लॉकडाउन में ढील देने की कोशिश कर रही है। मगर यहां की जनता इसके उलट लॉकडाउन में छूट के पक्ष में नहीं है। यहां पर करीब 90 फीसदी जनता को घरों में रहना ही पसंद है। ज्यादातर लोग चाहते है कि वे अपने घरों में रहें ताकि इस महामारी से सुरक्षित रह सकें। वह चाहते है कि पीएम बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) इस तरह की कोई छूट न दें।
ब्रिटेन के ज्यादातर लोग महमारी के दूसरे फेज को लेकर आतंकित हैं। वो खराब अर्थव्यवस्था और नौकरियां खोने के डर पर जिंदगी को तरजीह दे रहे हैं। इस दौरान बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लॉकडाउन में छूट देने के मामले जनता का सपोर्ट चाह रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से ब्रिटेन को करीब 120 बिलियन पाउंड का नुकसान पहुंचने की आशंका है।
सर्वे में 10 में से 8 लोगों ने लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने की बात तो स्वीकार की लेकिन वे अपनी जिंदगी को ज्यादा अहम मानते हैं। कई लोग तुरंत काम पर वापस नहीं लौटना चाहते हैं। वे लंबे वक्त तक अपने घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं। कई लोग तो इस पर भी राजी है कि वह इस दौरान अनिश्चितकाल के लिए अपने घरों में रहें। अगर उनकी कंपनियां उन्हें सैलरी देती रहे या फिर उनकी सैलरी का 80 फीसदी हिस्सा सरकार अपनी स्कीम के जरिए उन्हें उपलब्ध करवाए।
करीब एक तिहाई लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सभी को घरों में ही रहने को कहेंगे, जब तक की वायरस संक्रमण का प्रकोप खत्म नहीं हो जाता है। दोपहर को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन देश को संबोधित करेंगे।
सर्वे में 50 में से सिर्फ एक व्यक्ति ने लॉकडाउन के खिलाफ अपना मत दिया। यहां पर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति को लेकर भी कम लोगों अपने मत दिया है। केवल 4 फीसदी लोगों ने ही इस हफ्ते से प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट का समर्थन किया है।
गौरतलब है कि ब्रिटिश सरकार प्रतिबंधों में छूट देने का ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। इसके लिए सर्वे कराए जा रहे हैं। इस बारे में जल्द ऐलान की संभावना है। 10 में से 6 लोगों ने सर्वे में कहा कि बोरिस खुद इस संक्रमण का शिकार रहे हैं। इसलिए उनसे बेहतर कोई नहीं जान सकता है कि क्या फैसला सही हो सकता है। करीब दो तिहाई लोगों ने कहा है कि प्रतिबंधों में तुरंत छूट को लेकर पीएम सावधानी से फैसला लेंगे।