
वाशिंगटन। अमरीका लगातार पाकिस्तान पर आतंक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। वह पाक में हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को बढ़ाव नहीं देने की मांग कर रहा है। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने गुरुवार को पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से कहा है कि वे बिना किसी भेदभाव के आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान अगर नहीं सुधरा तो जल्द उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दोनों देशों द्वारा पिछले माह एक-दूसरे के राजनयिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पहली बार दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है।
चीन के साथ संबंधों से खफा
चीन के साथ संबंधों को लेकर अमरीका पाक से खफा है। अमरीका का मनाना है कि चीन की मदद पाकर पाकिस्तान आतंकी संगठनों को बढ़ावा दे रहा है। वह आतंकियों को चीन की मदद से हथियार मुहैया करा रहा है। अमरीका उत्तर कोरिया से वार्ता मामले को लेकर भी परेशान है। चीन इस वार्ता का रुख मोड़ने का प्रयास कर रहा है। चीन की पाक से नजदीकी के कारण अमरीका पाक पर खास दबाव नहीं बना पा रहा है। ऐसे में वह पाक पर अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगा सकता है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका समेत कई देश पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान इन आरोपों को नकारता रहा है। लेकिन, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपना रुख कड़ा कर रखा है। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई नहीं करता है तो पाक के लिए आर्थिक मदद पाना मुश्किल हो जाएगा। इससे पहले ट्रंप ने पाक को विशेष सुरक्षा सहायता न देने का ऐलान किया था।
सुरक्षा सहायता निलंबित कर दी थी
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में चेतावनी दी थी कि उन राष्ट्रों को जो आतंक का समर्थन जारी रखते हैं,वह संयुक्त राज्य का मित्र नहीं हो सकते हैं। इस बयान को लेकर व्हाइट हाउस ने ट्रंप की विदेश नीति पर कहा था कि हमारे सहयोगियों को स्पष्ट संदेश है कि अगर वे आतंक का समर्थन या उनके प्रति संवेदना रखते हैं तो वह अमेरिका के मित्र नहीं हो सकते हैं। व्हाइट हाउस के बयान के कुछ दिन बाद ट्रंप प्रशासन ने आतंकवाद पर कार्रवाई न करने पर पाकिस्तान को विशेष सुरक्षा सहायता निलंबित कर दी थी।