खगोलविदों का कहना है कि धरती से 8000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक संभावित चांद हो सकता है
वाशिंगटन। सौमंडल के बाहर और अंदर सैकड़ों ग्रह मौजूद हैं। मगर अब तक किसी दूसरे चांद की कल्पना नहीं की जा सकी थी। अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि धरती से 8000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक संभावित चांद हो सकता है। खगोलविदों का कहना है कि यह चांद आकार में धरती से बड़ा है। इसका आकार नेपच्यून ग्रह के बराबर माना जा रहा है। यह सौरमंडल के बाहर बताया जा रहा है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एलेक्स टीचे और डेविड कीपिंग ने इस पर शोध किया है। शोधकर्ताओं ने नासा के केपलर स्पेस टेलिस्कोप से 284 ग्रहों का अध्ययन किया। इनमें से सिर्फ एक ही ग्रह ‘केपलर-1625बी’ ऐसा पाया गया, जो चांद से मिलता-जुलता था। यह तारा केपलर-1625 की कक्षा में मौजूद है।
घटती-बढ़ती रोशनी वाले तारे की तलाश थी
पिछले साल अक्तूबर में शोधकर्ताओं ने दूसरे चांद की तलाश के लिए इस अध्ययन की शुरुआत की थी। उन्हें ऐसे तारे की तलाश थी, जिसकी रोशनी घटती-बढ़ती रहती है। यह ग्रह जब केपलर-1625 के पास से गुजरता है,तो अस्थायी तौर पर रोशनी को रोक लेता है। खगोलविदों ने करीब तीन घंटे तक ग्रह के गुजरने की समीक्षा की।
रोचक तथ्य निकलकर सामने आए
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह ग्रह उम्मीद से एक घंटे से भी ज्यादा समय से परिक्रमा करते हुए गुजरा। उन्होंने पाया कि चांद की वजह से ग्रह को अज्ञात रास्ते से गुजरना पड़ा। डेविड कीपिंग का कहना है कि धरती और चांद भी ऐसे ही दिखते हैं। एक और रोचक बात यह है कि इस ग्रह की अपने तारे से उतनी ही दूरी है,जितनी धरती की सूरज से है। हालांकि शोधकर्ता चांद के पूरे रास्ते की समीक्षा नहीं कर पाए। अपने शोध की पूरी तरह पुष्टि करने के लिए उन्हें अगले साल फिर से अध्ययन करना होगा।