
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने शोक जताते हुए कहा कि वाजपेयी एक सज्जन इंसान थे। वह क्रांतिकारी थे। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि अटल देश के लिए जीते थे और उन्होंने दशकों तक दृढ़ता के साथ देश की सेवा की। आगरा शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए परवेज ने बताया कि अटलजी और मैंने आगरा शिखर सम्मेलन में एक मसौदा संकल्प तैयार किया था। परवेज मुशर्रफ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का प्रस्ताव यथार्थवादी था,लेकिन जब संकल्प पर हस्ताक्षर नहीं हुए तो इससे मैं बहुत निराश हुई थी।
कई मुद्दों पर आम राय बनाई थी
बता दे 2001 में आगरा शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कई मुद्दों पर आम राय बनाई थी। इसमें कश्मीर और परमाणु हथियारों पर अकुंश लगाने का प्रस्ताव दिया गया था। मगर ऐन मौके पर यह प्रस्ताव खारिज को गया। इस संकल्प पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। परवेज का कहना है कि सम्मेलन के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच नफरत कम हो सकती थी।
परवेज पर नहीं था भरोसा
कहा जाता है कि आगरा शिखर सम्मेलन विफल होने का कारण परवेज की छवि थी जिसपर किसी राजनेता को भरोसा नहीं था। दरसअल लाहौर बस समझौते के बाद परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में कारगिल युद्ध हुआ था। इस युद्ध के बारे में खुद नवाज शरीफ को भी नहीं पता नहीं था। खुद अटल जी ने जब युद्ध की सूचना नवाज को दी थी, तो वह हैरान रह गए थे। परवेज को लेकर गठबंधन के सभी नेताओं में मतभेद था। वह नहीं चाहते थे परवेज से कोई समझौता हो।