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डीआर कांगो में नहीं थम रहा इबोला, 10,000 पार हुए मामले

Ebola Outbreak In DR Congo: डीआर कांगो में इबोला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में इबोला संक्रमण के मामले बढ़कर 10,000 पार हो गए हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 27 Oct 2026, 3:10 PM IST

Ebola in DR Congo

डीआर कांगो में इबोला का कहर (Photo - @DrTedros)

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य/डीआर कांगो (Democratic Republic Of Congo / DR Congo) में इबोला (Ebola) वायरस का प्रकोप जारी है। देश में इबोला कहर बरपा रहा है और काफी कोशिशों के बावजूद भी इसके मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब डीआर कांगो में इबोला के मामलों पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।

10,000 पार हुए मामले

डीआर कांगो में इबोला के मामले 10,000 पार हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में इबोला के 10,060 मामलों की पुष्टि हो गई है। सरकार के अनुसार फिलहाल डीआर कांगो में इबोला के मामले कम होने की संभावना कम ही है।

कितने लोगों की हुई मौत?

डीआर कांगो में इबोला की वजह से मृतकों की संख्या भी तेज़ी से बढ़ रही है। 4,000 पार पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार डीआर कांगो में इबोला की वजह से अब तक 4,887 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में इस बीमारी की वजह से मृत्यु दर 48.6% हो गई है है। सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों ने चिंता जताई है कि अगर स्थिति काबू में नहीं आई, तो मृतकों की संख्या ऐसे ही बढ़ती रहेगी।

8 प्रांतों में फैला इबोला

डीआर कांगो के 26 प्रांतों में से 8 प्रांतों में इबोला का प्रकोप देखने को मिल रहा है। 66 हेल्थ ज़ोन्स के लोग इस बीमारी से प्रभावित हुए हैं।

2,700 से ज़्यादा मरीज हुए ठीक

डीआर कांगो में इबोला संक्रमण बढ़ता जा रहा है और साथ ही मरीजों और मृतकों की संख्या भी, लेकिन कई मरीज इस बीमारी से ठीक भी हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक इबोला से पीड़ित हुए 2,700 से ज़्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं।

अभी तक उपलब्ध नहीं है वैक्सीन

डीआर कांगो में इबोला वायरस का बंडीबुग्यो स्ट्रेन फैल रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस स्ट्रेन के लिए अब तक कोई वैक्सीन या विशिष्ट इलाज विकसित नहीं किया जा सका है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

चुनौतियों का करना पड़ रहा है सामना

डीआर कांगो में इबोला से निपटने में कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कमजोर होना, पोस्टमार्टम टेस्टिंग को लेकर समुदाय का विरोध, स्टैंडर्ड इबोला ट्रीटमेंट सेंटर्स में क्षमता की कमी, संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के सामान की कमी और फंड की कमी। लैबोरेटरी की क्षमता पर दबाव के कारण काफी परेशानी आ रही है। इसी वजह से कई टेस्ट के नतीजे अभी भी पेंडिंग हैं।

क्या हैं इबोला के लक्षण?

इबोला संक्रमण की शुरुआत में तेज़ बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश और कमजोरी होती है। बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते, आँखों का लाल होना, किडनी में परेशानी आना और मुंह, नाक, आंखों से खून आने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।