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पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर का मुद्दा, शहबाज शरीफ ने आर्टिकल 370 और UN के प्रस्ताव का किया जिक्र

India-Pakistan dispute: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर अपना पुराना प्रोपेगैंडा दोहराया है। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार आत्मनिर्णय के अधिकार की बात की है।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 27 Oct 2026, 2:09 PM IST

Shehbaz Sharif Kashmir statement

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फ़ोटो- ANI)

Shehbaz Sharif on Kashmir: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाया है। शरीफ ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (आर्टिकल 370) हटाए जाने का जिक्र किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पुराने प्रस्तावों का हवाला दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दावा किया कि दक्षिण एशिया में तब तक स्थायी शांति और स्थिरता नहीं आ सकती जब तक कि जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान कश्मीरी लोगों की इच्छाओं और UNSC के प्रस्तावों के अनुसार न हो जाए।

27 अक्टूबर 1947 का हवाला देकर फिर दोहराया पुराना नैरेटिव

शहबाज शरीफ ने अपने आधिकारिक संदेश में 79 वर्ष पहले 27 अक्टूबर 1947 को श्रीनगर में भारतीय सेना के उतरने की घटना का जिक्र करते हुए इसे ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तब से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्णय के अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से चल रहे इस संघर्ष में लोगों ने बहुत कष्ट सहे हैं। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरी लोगों की मौलिक अधिकारों, सम्मान और न्याय की मांग का समर्थन करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इस मांग को किसी भी तरह के दबाव या जबरदस्ती से दबाया नहीं जा सकता।

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर आपत्ति

अपने संदेश में, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन एकतरफा कदमों के जरिए भारत ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और कानूनी ढांचे को बदलने की कोशिश की है।

शहबाज शरीफ ने आरोप लगाया कि भारत जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने और कश्मीरी नेताओं की आवाज को कुचलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समर्थकों को हिरासत में रखकर भारत कानूनी प्रक्रियाओं और मौलिक स्वतंत्रताओं का सम्मान करने में विफल रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुद्दा उठाता रहेगा पाकिस्तान

शहबाज शरीफ ने अपने बयान में कहा कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की स्थिति स्पष्ट, सुसंगत और सैद्धांतिक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और वहां की जनता हर स्तर पर नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन जारी रखेगी। शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मामले को लगातार उठाता रहेगा ताकि यूएनएससी प्रस्तावों के अनुसार कश्मीरी लोगों को उनका अधिकार मिल सके।