
चर्च पर हमले का बदला लेने सीरिया पर जॉर्डन की एयरस्ट्राइक में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत (फोटो सोर्स-@warfareanalysis)
Jordan Syria Airstrikes: जॉर्डन ने सीरिया में सशस्त्र समूहों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। जॉर्डन के कराक शहर में स्थित एक चर्च पर हुए जानलेवा हमले के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है। सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में तीन बच्चों समेत 7 नागरिकों की मौत हो गई। हमले के बाद सीरिया ने जॉर्डन के साथ अपनी मुख्य सीमा चौकी बंद करने का ऐलान किया है
सीरिया की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, जॉर्डन की वायुसेना ने दक्षिणी प्रांतों दारा और सुवेदा में हवाई हमले किए। ग्रामीण दारा में एक तंबू पर हुए हमले में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे और एक महिला शामिल थी। इसके अलावा, अलग-अलग हमलों में दो बुजुर्गों की भी जान चली गई। इन हमलों में कई लोग घायल भी हुए हैं।
वहीं दूसरी तरफ जॉर्डन की वायुसेना का कहना है कि इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए और उनके वाहन नष्ट किए गए हैं। हालांकि, जॉर्डन ने उन समूहों की सटीक पहचान या ठिकानों का खुलासा नहीं किया है। सीरिया सरकार ने आरोप लगाया है कि यह हमला बिना किसी पहले की सूचना के किया गया था। जिसके बाद सीरिया ने जॉर्डन के साथ अपनी मुख्य सीमा चौकी को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है।
यह पूरा विवाद पिछले शुक्रवार को जॉर्डन के कराक शहर में हुए एक खौफनाक हमले से शुरू हुआ था। राजधानी अम्मान से करीब 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कराक में एक अंतिम संस्कार के दौरान ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर गोलीबारी की गई थी। इस कायराना हमले में नौ लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सोमवार तड़के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान तीनों आरोपी घायल हो गए थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भाइयों हज्जाह जैदान मोहम्मद और मिशाल जैदान मोहम्मद तथा उनके बहनोई अहमद सामी हुसैन के रूप में हुई है, जो सभी जॉर्डन के नागरिक हैं।
जॉर्डन के अधिकारियों ने इन हमलावरों को कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा बताया है। अधिकारियों के अनुसार, हमलावर किसी बड़े संगठित आतंकी संगठन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने दम पर इस घटना को अंजाम दिया था। सुरक्षा बलों ने आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया है। देश के गृह मंत्री माजेन अल-फराया ने चेतावनी दी है कि ऐसी चरमपंथी सोच पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। वहीं, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
Updated on:
27 Oct 2026, 10:31 AM IST
Published on:
27 Oct 2026, 9:26 AM IST
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