HIGHLIGHTS Rhesus macaques नाम के बंदर पर टेस्ट किया है सिनोवैक बायोटेक ने यह COVID-19 वैक्सीन तैयार की है सितंबर तक इमर्जेंसी के लिए वैक्सीन इस्तेमाल के लिए तैयार हो सकती है
बीजिंग। कोरोना वायरस ( coronavirus ) महामारी से बचने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और चिकित्सक दिन-रात शोध में जुटे हैं, ताकि कोरोना वैक्सीन ( Coronavirus Vaccine ) को जल्द से जल्द बनाया जा सके। इस बीच कई देशों ने अपने-अपने स्तर पर कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है, हालांकि अभी किसी भी दवा को मान्यता नहीं मिली है।
इस बीच चीन ने भी कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा कर दिया है। चीनी वैज्ञानिकों ( Chinese Scientist ) ने दावा किया है कि उसने कोरोना वैक्सीन का बंदरों पर सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है। यह वैक्सीन बीजिंग के सिनोवैक बायोटेक ने तैयार की है। चीन में इसके अलावा तीन और प्रॉजेक्ट क्लिनिकल ट्रायल के चरण में पहुंच चुके हैं। हालांकि यह पहला मामला है, जिसे जानवरों पर ट्रायय किया गया है।
बताया जा रहा है कि चीनी रिसर्चर्स ने कोरोना की इनैक्टिव वैक्सीन को Rhesus macaques नाम के बंदर पर टेस्ट किया है। इस वैक्सीन को टेस्ट करने के लिए तीन हफ्ते पहले बंदर को कोरोना से इन्फेक्ट किया गया था। जब बाद में जांच की गई तो पाया या कि जिन बंदरों को वैक्सीन दी गई थी उनके फेफड़ों से वायरस गायब पाया गया था और जिन्हें वैक्सीन नहीं दी गई थी उनमें निमोनिया देखा गया।
जानवरों पर सफल रहा है परीक्षण
चीन ने इस वैक्सीन को बंदर से पहले चूहों पर टेस्ट किया था। इसमें भी इस दवा का परीक्षण सफल रहा था। साइंस जर्नल के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने ये बताया है कि Rhesus macaques इंसानों से जेनेटिक स्तर पर काफी समान होते हैं। ऐसे में यह संभावना बढ़ जाती है कि इंसानों पर इस दवा का प्रयोग सफल रहेगी।
सितंबर तक मिल सकती है कोरोना वैक्सीन
इससे पहले चीन के CDC (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) के डायरेक्टर के मुताबिक, सितंबर तक इमर्जेंसी के लिए वैक्सीन इस्तेमाल के लिए तैयार हो सकती है। बताया जा रहा है कि चीन में चाइनीज अकैडमी ऑफ मिलिटरी मेडिकल साइंसेज की बनाई वैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल के लिए 508 वॉलंटिअर्स तैयार हैं। इस महीने इस ट्रायल के नतीजे आ सकते हैं।