Highlights नॉवेल कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ इजरायल-संयुक्त अरब अमीरात के बीच एक डील हुई है, जिससे इस महामारी को खत्म करने के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे। इजराइल पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि बीते कई महीने की चर्चा के बाद संभव है कि समझौते की घोषणा कुछ समय बाद की जा सकती है।
यरुशलम। कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट से निपटने के लिए इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच साझेदारी की घोषणा जल्द ही की जाएगी। इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने गुरुवार को इसका ऐलान किया है। यूएई ने में कहा कि समझौता दो निजी कंपनियों के बीच हुआ है।
हालांकि हाल ही में यूएई के अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि वेस्ट बैंक के हिस्सों पर इजराइल की नीति से अरब देशों के साथ उसके संबंध खराब हुए हैं। प्रशिक्षु इजराइली वायु सैनिकों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि बीते कई महीने की चर्चा के बाद संभव है कि समझौते की घोषणा कुछ समय बाद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को लेकर आधाति होगा। इस सहयोग से क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी होगी।
कंपनियों के साथ करार पर हस्ताक्षर
यूएई की सरकारी मीडिया ने बाद में एक खबर प्रकाशित की जिसमें कहा गया कि दो निजी कंपनियों ने “कोविड-19 से निपटने के लिए अनुसंधान और तकनीक के विकास के लिए दो इजराइली कंपनियों के साथ करार पर हस्ताक्षर किए। घोषणा में कंपनियों के नाम का खुलासा किया गया है। अनुसंधान किस विषय पर होगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इजराइल और यूएई के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध बिल्कुल नहीं हैं। माना जाता है कि ईरान पर विचारों में समानता के चलते दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे नजदीकी संबंध बरकरार हैं।
इजराइल के प्रयासों को नुकसान पहुंचाएगा
गौरतलब है कि यूएई के अधिकारियों की हालिया चेतावनियों के बावजूद इस डील की बात सामने आई है। अमरीका में नियुक्त यूएई के राजदूत के अनुसार जार्डन घाटी और वेस्ट बैंक के अन्य हिस्सों को कब्जे में करने के खिलाफ इजरायल को गत शुक्रवार को चेतावनी दी थी। यूएई ने कहा था कि यह कदम अरब देशों से संबंध बेहतर बनाने के प्रयास को बनाने के इजराइल के प्रयासों को नुकसान पहुंचाएगा।
कोरोना के 9,714,805 मामले
दुनिया में कोरोना के 9,714,805 मामले सामने आए हैं। वहीं संक्रमण 491,856 लोगों की मौत हो चुकी है। अमरीका साहित कई यूरोपीय देश इसकी चपेट में हैं। इस महामारी की वैक्सीन अभी मार्केट में नहीं आई है। ऐसे में कई देश इसकी दवा बनाने में जुटे हुए हैं। कई देशों ने इसके लिए समझौते भी किए हैं। चीन, अमरीका और भारत सहित सभी देश इस इसकी वैक्सीन की खोज में जुटे हुए हैं।