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सूडान में बेहद गंभीर हालात: करीब 2 करोड़ लोग कर रहे हैं खाने के संकट का सामना

Sudan Crisis: सूडान में चल रहे गृहयुद्ध की वजह से हालात काफी खराब हो गए हैं। करीब 2 करोड़ लोग खाने के संकट से जूझ रहे हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

May 16, 2026

Food insecurity in Sudan

Food insecurity in Sudan (Photo - Bloomberg)

सूडान (Sudan) में 15 अप्रैल 2023 से सेना और अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री) रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ - आरएसएफ (Rapid Support Forces - RSF) के बीच चल रहे गृहयुद्ध से देश में हालात काफी बिगड़ गए हैं। इस युद्ध की वजह से अब तक हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। इस युद्ध की वजह से देश में खाने का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है।

करीब 2 करोड़ लोग कर रहे हैं खाने के संकट का सामना

सूडान में चल रहे गृहयुद्ध की वजह से करीब 2 करोड़ लोग कर रहे हैं खाने के संकट का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक प्रवक्ता ने खाद्य और कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) का हवाला देते हुए कहा कि सूडान में लगभग 1 करोड़ 95 लाख लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा के संकटपूर्ण स्तर का सामना कर रहे हैं।

अकाल का खतरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक दैनिक ब्रीफिंग में बताया कि ग्रेटर दारफुर और ग्रेटर कोर्डोफान के 14 क्षेत्रों में अकाल का खतरा बना हुआ है। जून से सितंबर के बीच के हालात और बिगड़ने की आशंका है। इस बीच ज़रूरतों के पैमाने की तुलना में मानवीय सहायता अभी भी बहुत कम है। फरवरी और मई के बीच हर महीने 48 लाख लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन फरवरी में अनुमानित रूप से केवल 31.3 लाख लोगों को ही सहायता मिल पाई।

युद्ध खत्म करने की अपील

प्रवक्ता ने आगे कहा कि FAO, WFP और UNICEF ने सूडान में जल्द से जल्द गृहयुद्ध को खत्म करने की अपील की। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वो भोजन, आपातकालीन खाद्य उत्पादन, पोषण, स्वास्थ्य और जल व स्वच्छता सेवाओं के लिए और साथ ही आजीविका के पुनर्निर्माण के प्रयासों के लिए भी फंडिंग को तत्काल बढ़ाएं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय भागीदार पूरे सूडान में मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सहायता संगठन विस्थापित लोगों, शरणार्थियों और मेज़बान समुदायों को जीवन रक्षक सहायता प्रदान कर रहे हैं।