विश्‍व की अन्‍य खबरें

Britain: Covid-19 को हराने के लिए जल्द तैयार होगी वैक्सीन, दूसरे फेज में पहुंचा ट्रायल, भारत को भी उम्मीद

Highlights India ने भी इस वैक्सीन (Vaccine) के ट्रायल के 80 फीसदी तक सफल होने की उम्मीद जताई है। इससे पहले वैक्सीन की जांच करने के लिए एक हजार से अधिक वॉलनटिअर्स (Volunteer) पर इसका प्रयोग किया था, ये सफल रहा है।
2 min read
corona vaccine
ब्रिटेन में वैक्सीन का चल रहा ट्रायल दूसरे फेज में पहुंचा।

लंदन।कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मरीजों को देखते हुए एक राहत भरी खबर है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के इलाज के लिए जिस वैक्सीन (Vaccine) का ट्रायल हो रहा है, वह अब दूसरे फेज में पहुंच चुका है। इस शोध में दवा को दस हजार लोगों को लगाने की तैयारी की जा रही है। भारत ने भी इस वैक्सीन (vaccine) के ट्रायल के 80 फीसदी तक सफल होने की उम्मीद जताई है।

गौरतलब है कि बीते महीने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के रिसर्चर ने वैक्सीन का प्रभाव और सुरक्षा की जांच करने के लिए एक हजार से अधिक वॉलनटिअर्स पर इसका प्रयोग किया था। वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अब उनकी योजना पूरे ब्रिटेन में बच्चों और बुजुर्गों समेेत 10,260 लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल करना है।

तेजी से आगे बढ़ रही है क्लिनिकल स्टडी

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का कहना है कि वैक्सीन विकसित करने के लिए क्लिनिकल स्टडी बहुत बेहतर तरीके से आगे बढ़ रही है। इस बात की जांच की जा रही है कि बुजुर्गों में यह वैक्सीन कितनी असरदार होती है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह टीका पूरी आबादी को सुरक्षा मुहैया करा सकता है।’

कब तक बनकर तैयार होगी वैक्सीन

वैक्सीन कब तक बनकर तैयार होगी। इसकी अभी तक कोई भी भविष्यवाणी नहीं हुई है। पूरी तरह से सक्षम वैक्सीन कब तक बनकर तैयार हो जाएगी, इस पर भी उन्होंने कोई जानकारी नहीं मिली है।
वहीं भारत में वैक्सीन निर्माता सेरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के चीफ एग्जिक्यूटिव अदार पूनावाला ने कोविड-19 की वैक्सीन को तैयार होने में दो साल का वक्त लगने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि संभव है कि इस साल के आखिर तक भी वैक्सीन मिल जाए। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी ट्रायल खत्म होगा, उतनी ही जल्दी ये वैक्सीन तैयार होगी। SII कई प्रोजेक्ट में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम कर रही है।

अमरीका में भी वैक्सीन ट्रायल

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने के लिए दूसरे प्रमुख दावेदारों में अमरीका की नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मोडेर्ना इंक और इनवियो फार्मास्युटिकल भी है। दोनों टीकों को बनाने का प्रयास कर रही हैं। टीकों में कोरोना वायरस की जेनेटिक्स को शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाता है ताकि वह एंडीबॉडी विकसित करें और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके।

Updated on:
23 May 2020 10:51 am
Published on:
23 May 2020 10:44 am