
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला के बढ़ रहे हैं मामले (Photo - IANS)
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic Republic Of Congo / DR Congo) में इबोला (Ebola) के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। देश में इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई को इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था। इस समय कांगो में बंडीबुग्यो स्ट्रेन फैल रहा है।
कांगो में इबोला के मामले 500 पार हो गए हैं। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में इस बीमारी के अब तक कुल 515 मामले सामने आ गए हैं, जिसमें 91 मौतें शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कंट्रोल के उपाय नहीं किए गए, तो संक्रमण फैलता रहेगा और मामलों में और बढ़ोतरी का खतरा बना रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी अपडेट में बताया गया कि 6 जून तक देश में ठीक होने वाले मरीज़ों की कुल संख्या 12 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार 117 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जबकि 283 मरीज आइसोलेशन या अस्पताल में भर्ती रहे।
एक्सपर्ट्स के अनुसार इबोला के बंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए अब तक कोई वैक्सीन या विशिष्ट इलाज उपलब्ध नहीं है। इस वजह से इस बीमारी से लड़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार इस बीमारी से निपटने के प्रयासों में अन्य कई रुकावटें भी आ रही हैं, जैसे कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कमजोर होना, पोस्टमार्टम टेस्टिंग को लेकर समुदाय का विरोध, स्टैंडर्ड इबोला ट्रीटमेंट सेंटर्स में क्षमता की कमी, संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के सामान की कमी, और फंड की कमी। इस बीमारी से प्रभावित प्रांतों में कॉन्टैक्ट फॉलो-अप की कुल दर 50.3% थी, जो 95% के लक्ष्य से काफी कम है। लैबोरेटरी की क्षमता पर भी दबाव बना हुआ है और इसी वजह से कई टेस्ट के नतीजे अभी भी पेंडिंग हैं।
ईबोला संक्रमण की शुरुआत में तेज़ बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश और कमजोरी होती है। बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते, आँखों का लाल होना, किडनी में परेशानी आना और मुंह, नाक, आंखों से खून आने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।
Published on:
08 Jun 2026 10:25 am
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