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सऊदी अरब में लगेगा यूरेनियम प्लांट, अमेरिकी डील से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, क्या युद्ध लेगा अब नया रूप?

US-Iran war: अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुए परमाणु समझौते ने मिडिल ईस्ट में हड़कंप मचा दिया है। जानें कैसे यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट डील, ईरान पर अमेरिकी हमले और हूती विद्रोहियों के तेल टैंकर हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
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Saudi Arabian Prince Mohammed bin Salman and Donald Trump

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Saudi Arabia-US Uranium Plant Deal: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष फिर से तेज हो गया है। शांति समझौता खत्म होने के बाद युद्ध 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान नेवल ब्लॉकेड नहीं हटाता है तो ये हमले जारी रहेंगे। बुधवार देर रात अमेरिकी हमले में ईरान-इराक सीमा के पास दो लोग मारे गए और 11 घायल हो गए। उधर, सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुई डील ने मध्य एशिया में तनाव की नई स्थिति पैदा कर दी है।

सऊदी-अमेरिका के बीच परमाणु समझौता

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक बड़ा परमाणु समझौता हुआ है। इसके तहत सऊदी अरब अपना सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम शुरू कर सकेगा। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने इसे शांति पूर्ण परमाणु सहयोग बताया है, लेकिन इससे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए हैं।

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब में यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट भी लगा सकती हैं, बशर्ते दोनों देशों की साझा समीक्षा में इसे जरूरी माना जाए। जानकारों का कहना है कि यह करार पहले से अस्थिर इस पूरे इलाके में परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल ने ईरान को परमाणु शक्ति संपंन्न होने से रोकने की कसम खा रखी है। वह नहीं चाहता है कि मध्य एशिया का कोई भी देश परमाणु बम हासिल करे। जिससे भविष्य में उसे कभी भी अस्तित्व की चुनौती का सामना करना पड़े। वहीं, इस डील से ईरान भी परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने से इनकार कर सकता है। क्योंकि, सऊदी अरब और ईरान के बीच मुस्लिम देशों का उम्मा बनने की लड़ाई सालों से चलती आई है।

बुशहर, अहवाज़ और सिरिक में हुए हमले

अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान के बुशहर, अहवाज और सिरिक में हमले किए। इराक के साथ शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हमले में दो लोग मारे गए। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। तेल टैंकर में धमाके के बाद आ लग गई, जबकि दो टैंकर वापस मुड़ गए।

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए ईरानी नेताओं ने कहा कि हमारी रणनीति आंख के बदले आंख वाली है। हम पीछे नहीं हटेंगे।

हूतियों ने बाब अल मंडेब में ब्लॉकेड लगाया

UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर ने बताया कि सऊदी तट से 70 नॉटिकल मील (130 किमी) दूर एक जहाज को निशाना बनाया गया, जिससे उसमें आग लग गई। क्रू मेंबर्स के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों एन्सेलिया और लैला पर हमला किया। उन्होंने हमले के लिए क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे उन जहाजों में आग लग गई। हूतियों ने कहा कि यह ब्लॉकेड सिर्फ सऊदी अरब के लिए है।