
US Unleashes B-1 Bomber Over Iran
America Attack Iran: मध्य पूर्व में जल रही युद्ध की चिंगारी अब एक भयानक विनाशकारी आग का रूप ले चुकी है। अमेरिका और ईरान के बीच 12 दिन पहले दोबारा शुरू हुई यह सैन्य भिड़ंत उस वक्त बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई, जब अमेरिकी वायुसेना ने अपने सबसे भारी और घातक बॉम्बर 'B-1 लांसर' (B-1B Lancer) को सीधे युद्ध क्षेत्र में झोंक दिया।
ब्रिटेन स्थित एयरबेस से उड़ान भरकर आधी दुनिया पार करते हुए इस सुपरसोनिक ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के गुप्त सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और बमों की ऐसी बारिश की, जिससे तेहरान की सैन्य शक्ति को गहरा धक्का लगा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के रणनीतिकारों के अनुसार, इस गुप्त और भीषण हवाई हमले का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडरा रहे ईरानी खतरे को पूरी तरह समाप्त करना था।
B-1 लांसर ने ईरान के:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों की आवाजाही को बाधित करना जारी रखा, तो अगला निशाना तेहरान के प्रमुख पावर प्लांट और मुख्य पुल होंगे।
'द बोन' (The Bone) के नाम से मशहूर B-1 लांसर कोई साधारण लड़ाकू विमान नहीं है। यह अमेरिकी वायुसेना का सबसे भारी पेलोड क्षमता वाला बॉम्बर है:
विनाशकारी क्षमता: यह एक बार में 2,000 पाउंड वजनी 24 बम या दर्जनों JASSM क्रूज मिसाइलें (कुल 34,000 किलोग्राम से अधिक हथियार) ले जा सकता है।
रडार को चकमा देने की कला: यह विमान बेहद कम ऊंचाई पर ध्वनि की गति (Mach 1.2) से भी तेज उड़ने में सक्षम है, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस रडार इसे समय रहते ट्रैक नहीं कर पाते।
घातक रेंज: बिना रिफ्यूलिंग के महाद्वीपीय दूरी तय करने की क्षमता इसे दुनिया का सबसे बड़ा 'स्ट्राइक एयरक्राफ्ट' बनाती है।
युद्ध की इस आग मेंअब केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहा है। ईरान के उकसावे पर यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandeb) में सऊदी अरब के जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है।
हूतियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने कमर्शियल जहाजों के रास्ते बदल दिए हैं। अब जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर (Cape of Good Hope) जाना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार का माल भाड़ा और डिलीवरी टाइम दोगुना हो गया है।
Updated on:
23 Jul 2026 10:16 am
Published on:
23 Jul 2026 09:49 am
