
अमेरिका ने फिर शुरू किए ईरान पर हमले (File Photo)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले कर दिए हैं। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने इसकी जानकारी दी। पिछली बार की ही तरह ये हमले भी ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए गए हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों को निशाना न बनाया जा सके।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में कई जगह धमाके हुए हैं। अमेरिकी हमलों का सिलसिला अभी जारी हैं और ऐसे में अभी और जगह भी धमाके सुनाई दे सकते हैं।
जॉर्डन (Jordan) में मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस (Muwaffaq Salti Air Base) पर ईरान के हमले में अमेरिका के 2 सैनिक मारे गए थे। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, तो उसे उस हत्या की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप पहले भी कई बार ईरान को धमकियाँ दे चुके हैं। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति यह ऐलान भी कर चुके हैं कि जब तक वह चाहेंगे, ईरान पर हमले होते रहेंगे।
अमेरिकी हमलों के खिलाफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक तरफ जहाँ अमेरिका के हमलों को रोकने के लिए ईरान में एयर डिफेंस सिस्टम्स एक्टिव हो गए हैं, तो वहीँ दूसरी तरफ आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने जॉर्डन और कुवैत (Kuwait) में मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी सेना की तरफ से भी अभी हमले किए जा सकते हैं। कुवैत और जॉर्डन में भी एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी हमलों का सामना करने के लिए एक्टिव हो गए हैं।
अमेरिका और ईरान के फिर से हमले शुरू करने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए ईरान की सेना मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी देशों पर हमले करती है, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है।
Updated on:
21 Jul 2026 03:39 am
Published on:
21 Jul 2026 03:39 am
