
iran Hit Major US Bases in Kuwait
Iran calls US forces Terrorist: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। खाड़ी के देशों में स्थिति बेहद विस्फोटक हो चुकी है। एक तरफ जहां अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, मिसाइल ठिकानों और नौसैनिक ढांचों को तबाह करने के लिए लगातार 10वीं रात भी भारी बमबारी और हवाई हमले जारी रखे, वहीं दूसरी ओर ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
ईरानी सशस्त्र बलों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने कुवैत में स्थित तीन प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर आत्मघाती 'कामिकेज़' (Kamikaze) ड्रोनों से भीषण हमला किया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी बलों को स्पष्ट रूप से आतंकवादी बल करार देते हुए कहा कि यह हमला क्षेत्र में अमेरिकी कार्रवाइयों का करारा जवाब है।
ईरानी बयानों के मुताबिक, उनका मकसद क्षेत्र में अमेरिकी प्रभुत्व को चुनौती देना और सुरक्षा बहाल करना है। कुवैत के अलावा, पड़ोसी जॉर्डन और बहरीन में भी अमेरिकी रक्षा प्रणालियों और राडार केंद्रों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माने जाने वाले 'होर्मुज की जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में तनाव अपने चरम पर है। मंगलवार तड़के एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ, जिसके बाद गंभीर खतरे को देखते हुए चालक दल (क्रू) को जहाज छोड़कर जीवन रक्षक नावों के जरिए भागना पड़ा।
ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग में कई जहाजों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। इस गतिरोध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उबाल आ गया है।
इस बढ़ते सैन्य टकराव में अमेरिकी सेना को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। संघर्ष की शुरुआत के बाद पहली बार सीधे ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिकी सैनिकों की जान गई है। पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) ने पुष्टि की है कि जॉर्डन में हुए हमले में उनके दो जवान शहीद हो गए:
फर्स्ट लेफ्टिनेंट टाइलर जेम्स फीहन (25 वर्ष): निवासी इवा बीच, हवाई। फीहन को मरणोपरांत कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है और उन्हें 'ब्रॉन्ज स्टार' तथा 'पर्पल हार्ट' से सम्मानित किया जाएगा। वे अपना एमबीए पूरा करने से कुछ ही हफ्ते दूर थे।
स्पेशलिस्ट इसाबेला गोंजालेस (19 वर्ष): निवासी कैरोलटन, टेक्सास। इसके अलावा, जुलाई की शुरुआत से अब तक लगभग 100 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं।
अमेरिकी स्ट्राइक्स का असर ईरान के अंदरूनी इलाकों में भी देखा जा रहा है। पश्चिम ईरान के ईलाम प्रांत स्थित आबदाना शहर के 'दीनार कूह' क्षेत्र में मंगलवार सुबह कई भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। प्रांतीय अधिकारियों और गवर्नर बेहज़ाद नूरमोहम्मदी के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, निशाना बनाए गए ठिकाने के बारे में अधिक विवरण अभी गुप्त रखा गया है और जांच जारी है।
जंग की लपटें जैसे-जैसे पूरे मध्य पूर्व में फैल रही हैं, पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित कई देश व कूटनीतिक संस्थाएं इस संघर्ष को रोकने और ठप्प पड़ी वार्ताओं को दोबारा शुरू कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास में जुट गई हैं। हालांकि, जब तक होर्मुज जलमार्ग पर तनाव कम नहीं होता, तब तक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर गहराता ही दिख रहा है।
Updated on:
21 Jul 2026 10:25 am
Published on:
21 Jul 2026 10:04 am
