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US Iran Talks: ईरानी हुकूमत में बड़ी दरार? मार्को रुबियो बोले- बातचीत के संकेत मिल रहे हैं

US Iran conflict: खाड़ी देशों में बारूद की गंध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच आर-पार की जंग छिड़ गई है। लगातार नौ रातों से अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के कई शहरों पर आग बरसा रहे हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया है। इस महासंकट के बीच वाशिंगटन को तेहरान से बातचीत के गुप्त संदेश मिले हैं, जिसने इस भीषण युद्ध में एक नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Jul 20, 2026

Marco Rubio CNN interview

Marco Rubio CNN interview : ईरान में नेतृत्व पर संकट? रुबियो बोले- हुकूमत का एक धड़ा चाहता है समझौता (फोटो सोर्स: ANI)

Iran US latest News: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना लगातार नौवीं रात ईरान के तटीय इलाकों और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी कर रही है। ईरान के तबरीज और बुशहर जैसे बड़े शहरों में धमाकों की गूंज के बीच वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है, और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं।

लेकिन इस विनाशकारी सैन्य टकराव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका को अलग-अलग खुफिया और राजनयिक चैनलों के जरिए ईरान से बातचीत के गुप्त संकेत मिल रहे हैं, जो यह इशारा करते हैं कि ईरान इस युद्ध को रोकने के लिए बातचीत की मेज पर आने को छटपटा रहा है।

ईरानी हुकूमत में बड़ी दरार: मार्को रुबियो का दावा

फिलीपींस में होने वाली आसियान (ASEAN) विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए रवाना होने से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने सीएनएन (CNN) से कहा, "हमें कई अलग-अलग माध्यमों से ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय ईरानी शासन (हुकूमत) के भीतर एक बहुत बड़ी अंदरूनी दरार पैदा हो चुकी है।

रुबियो के इस बयान से साफ है कि अमेरिकी हमलों की मार से बेहाल ईरान के नेतृत्व में दो फाड़ हो चुके हैं। हुकूमत का एक धड़ा जहां युद्ध को और खींचना चाहता है, वहीं दूसरा धड़ा समझ चुका है कि अमेरिका की सैन्य ताकत के आगे टिक पाना मुमकिन नहीं है, इसलिए वे गुपचुप तरीके से समझौते का रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि वाशिंगटन कूटनीति के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन कोई भी नया समझौता तभी होगा जब वह पूरी तरह विश्वसनीय और व्यावहारिक हो। उन्होंने दोटूक कहा, "ईरान किसी समझौते (MOU) की शर्तों का उल्लंघन करके यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वह समझौता बना रहेगा।

मार्को रुबियो बोले- विकास नहीं, आतंक के नेटवर्क पर खर्च हो रहा पैसा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक टकराव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तेहरान की सत्ता पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईरान संसाधनों और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध देश है, लेकिन वहां की जनता आर्थिक संकट झेल रही है क्योंकि सरकार अपनी आय का बड़ा हिस्सा देश के विकास पर खर्च करने के बजाय क्षेत्रीय उग्रवादी संगठनों को समर्थन देने में लगाती है।

रुबियो ने कहा कि जब भी ईरान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत मिलती है या तेल निर्यात से अतिरिक्त कमाई होती है, तब उस धन का उपयोग आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के बजाय हिजबुल्लाह और हमास जैसे संगठनों की मदद के लिए किया जाता है। उनके मुताबिक, यही वजह है कि ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार दबाव में बनी हुई है।