सीरिया में रासायनिक हमले को लेकर अमरीका और रूस के बीच ठनी।
नई दिल्ली। आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित सीरिया में रासायनिक हमले से पूरी दुनिया में हडकंप मच गया है। एक तरफ रासायनिक हमले के तुरंत बाद सीरिया के एयरबेस पर हमले हुए तो दूसरी तरफ अमरीकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर इस घटना के लिए सीरियाई सरकार, ईरान और रूस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस हमले में शामिल देशों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने अपने ट्वीट में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को जानवर तक करार दिया है। साथ ही उन्होंने सीरिया में रासायनिक हमले की कार्रवाई को मूर्खतापूर्ण कार्रवाई करार दिया।
पेंटागन ने एयरबेस पर हमले से इनकार किया
ट्रंप के ट्वीट के तुरंत बाद सीरियाई एयरबेस पर हमले हुए जिसे सीरियाई वायुसेना अड्डे पर हमले को अमरीका से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ पेंटागन ने इस तरह की सूचनाओं को खारिज कर दिया है। पेंटागन से जारी बयान में कहा गया है कि अमरीका को इस तरह के हमले की कोई जानकारी नहीं है।
यूएन की आपात बैठक आज
इस घटनाक्रम को लेकर यूके, फ्रांस, यूएस, पौलेंड, नीदरलैंड, स्वीडन, कुवैत और पेरू ने संयुक्त राष्ट्र संघ की आपातकालीन बैठक की मांग की है। यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने दो बैठक बुलाई है। पहली बैठक अमरीका और आठ सदस्य देशों की होगी। इसमें घटना की जांच की मांग और पीड़ितों तक राहत व बचाव कार्य के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। दूसरी बैठक की मांग रूस ने की है। यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर होगी।
डोमा शहर पर हुआ था हमला
आपको बता दें कि रासायनिक हमले की तसवीर गैर सरकारी संगठन द वाइट हैलमेट ने जारी की। पूर्वी गूटा का डोमा सीरिया का वह इलाका है जहां विद्रोहियों का कब्जा है। इस रासायनिक हमले में एक हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। मीडिया का कहना है कि कथित रूप से एक हेलिकॉप्टर के जरिए बैरल बम फेंका गया जिसमें सेरेन और टॉक्सिक नर्व एजेंट थे।