
हेलसिंकी। एस्टोनिया (Estonia) में सोमवार को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव (Election) में अब तक मात्र एक उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी पेश की है। आजादी के बाद 30 वर्षों में एस्टोनिया में ऐसी अभूतपूर्व स्थिति सामने आई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति केर्स्टी कलजुलैद का पांच साल का कार्यकाल 10 अक्टूबर को खत्म होने वाला है। 101 सीटों वाली संसद में सांसदों को नए राष्ट्रपति का चुनाव करना है। एस्टोनिया के राष्ट्रीय संग्रहालय के निदेशक अलर कारिस अभी तक इस पद के लिए अकेले दावेदार हैं। राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पेश करने के लिए 28 अगस्त तक का समय दिया गया। केवल कारिस ही न्यूनतम 21 सांसदों का समर्थन हासिल कर पाए हैं।
एक प्रसिद्ध लेखक, पूर्व रक्षा मंत्री और राजनयिक, जैक जोइरूट ने कहा कि "एक उम्मीदवार के साथ चुनाव सोवियत युग के हैं। यह अनैतिक है, लेकिन, हैरत की बात है। एस्टोनिया ने सोवियर संघ से 1991 में आजादी पाई थी। 1़3 मीलियन की आबादी वाला देश बाद में यूरोपीयन यूनियन और नाटो से जुड़ गया।
उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति को जनता ने सीधे चुना होता तो कलजुलैद दूसरे कार्यकाल की मांग करते। एस्टोनिया की पहली महिला राष्ट्रपति जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन उन्हें सांसदों से समर्थन प्राप्त है।
दरअसल प्रधानमंत्री काजा कल्कि की पार्टी और विपक्षी पार्टी ने 63 वर्षीय करिस को अपना समर्थन दिया है। दोनों दलों ने एस्टोनिया के समाज की समझ के लिए उनकी प्रशंसा की है और उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि को देखकर चुना है। उन्होंने एस्टोनिया के मुख्य अकादमिक संस्थान टार्टू विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया है।