विश्‍व की अन्‍य खबरें

डाटा लीक मामला: अमरीकी सीनेट ने गूगल, फेसबुक और ट्विटर के प्रमुखों को किया तलब

यह मामला कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा अमरीका के पांच करोड़ नागरिकों के व्यक्तिगत डाटा के अनुचित उपयोग का है।
2 min read
Mar 28, 2018
Sundar Pichai-Jack Dorsey-Mark Zukerberg

नई दिल्ली। कैंब्रिज ऐनलिटिका डाटा लीक मामले में एक अमरीकी कांग्रेस समिति ने तीन बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों को तलब किया। इनमें गूगल, फेसबुक और ट्विटर के सीईओ शामिल हैं। आपको बता दें यह मामला कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा अमरीका के पांच करोड़ नागरिकों के व्यक्तिगत डाटा के अनुचित उपयोग का है। यह मामले सामने आने के बाद भारत समेत कई देशों ने ब्रिटेन मूल की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका और फेसबुक से जवाब मांगा है।

10 अप्रैल को समिति के चेयरमैन से होगी मुलाकात
इसके चलते फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल सीईओ सुंदर पिचाई और ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी को 10 अप्रैल को समिति के चेयरमैन चक्र ग्रैसली के सामने उपस्थित होना है। इस बारे में ग्रैसली ने सोमवार को कहा था कि जुकरबर्ग को कंपनी के पिछले और आगे आने वाले समय के रणनीति पर चर्चा करने के लिए आमंत्रण भेजा गया है। इस बातचीत के दौरान उपभोक्ताओं के डाटा की निगरानी और सुरक्षा संबंधित मामलों पर चर्चा की जाएगी।
साथ ही यह सुनवाई यूजर के डाटा के संकलन, इकट्ठा और बांटने के प्रोफेशनल क्राइटेरिया पर आधारित होगी। इस बातचीत में इस पर भी फोकस रहेगा कि किस तरह डाटा का अनुचित प्रयोग किया जा सकता है और उसको आदान-प्रदान किया जा सकता है।

इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
इसके अलावा बातचीत में यह भी एक मुद्दा रहेगा कि उपभोक्ताओं को इन मुश्किलों से बचाने और पारदर्शिता लाने में फेसबुक जैसी कंपनियां क्या-क्या उठा सकती हैं। इसी वजह से जैक डोरसी और पिचाई को भी मीटिंग में शामिल होने का न्योता दिया गया है ताकि सोशल मीडिया पर डाटा संबंधित प्राइवेसी के भविष्य की नीतियों पर अहम कदम उठाए जा सके।

निजी जानकारियों के दुरुपयोग से बचाव के लिए ठोस कानून की जरूरत
इस समिति के अलावा सीनेटर मार्क ने भी डाटा सुरक्षा पर कई तकनीकी कंपनियों से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि बेशक फेसबुक, ट्विटर और गूगल जैसे प्लेटफार्म सफल कंपनियों में से एक हैं, लेकिन उन्हें इसके साथ ही कुछ जिम्मेदारियां भी मिलीं हैं, जिसका उन्हें ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि अमरीका में लोगों के निजी जानकारियों के दुरुपयोग से बचाव के लिए ठोस कानून की जरूरत है।

Published on:
28 Mar 2018 03:19 pm