HIGHLIGHTS French Church Knife Attack: फ्रांस के नीस शहर में बीते दिन तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने नॉट्र डैम चर्च के पास रैली निकाली। गुस्साए लोगों ने इस्लाम यूरोप से वापस जाओ के नारे लगाए। फ्रांस की सरकार ने इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों व लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसको लेकर दुनियाभर में इस्लामिक देशों ने फ्रांस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
नीस। फ्रांस ( France ) में लगातार हो रहे आतंकी हमलों को लेकर लोगों में बेहद गुस्सा है और स्थानीय लोगों में इस्लाम के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। फ्रांस के नीस शहर में बीते दिन तीन लोगों की निर्मम हत्या ( Terrorist Attack In Nice Church ) के बाद आक्रोशित लोगों ने नॉट्र डैम चर्च के पास रैली निकाली और इस्लाम यूरोप से वापस जाओ के नारे लगाए।
गुस्साए लोगों ने आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ रोष जाहिर किया और फ्रांस का राष्ट्रगान गाकर विरोध जताया। बता दें कि बीते दिनों फ्रांस के नीस के एक चर्च में एक महिला की गला काटकर और दो अन्य लोगों की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
इस्लाम के खिलाफ लोगों में गुस्सा
फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में इस्लाम के खिलाफ ( Protest Against Islam In Europe ) लोगों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। हाल के दिनों में फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। इन आतंकी हमलों के लिए इस्लामिक आतंकवाद को जिम्मेदारी माना जा रहा है।
फ्रांस की सरकार ने इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों व लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसको लेकर दुनियाभर में इस्लामिक देशों ने फ्रांस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस्लामिक देशों ने फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम भी तेज कर दी है, तो वहीं ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि यदि पैगंबर मोहम्मद की आलोचना करने से 'हिंसा और रक्तपात' को बढ़ावा मिलेगा।
फ्रांस में कब-कब हुए आतंकी हमले
बता दें कि नीस शहर के मेयर क्रिस्चियन इस्तोर्सी ने नॉट्र डैम चर्च में हुई घटना को आतंकी हमला कर दिया है। इससे कुछ दिन पहले पेरिस में इतिहास के एक शिक्षक की गला काटकर हत्या करने की घटना को भी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस्लामिक आतंकी हमला करार दिया था।
इन दोनों घटनाओं को हमलावर ने अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाते हुए अंजाम दिया और शुरूआती पड़ताल में ये बात सामने आई है कि इस्लाम को लेकर ही हमला किया गया है। इस तरह से फ्रांस में बीते कुछ सालों में कई ऐसे हमलों को अंजाम दिया गया है।
- 7 जनवरी 2015: पेरिस में एक कार्टून मैग्जीन शार्ली अब्दो में पैगंबर मोहम्द का कार्टून छपने के बाद मैग्जीन के कार्यालय में आतंकी हमला किया गया था। हमलावरों ने पत्रिका के कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें चार मुख्य कार्टूनिस्ट व प्रधान संपादक की मौत हो गई थी।
- 3 फरवरी 2015: फ्रांस के नीस शहर में ही एक यहूदी सामुदायिक केंन्द्र की देखरेख करने वाले तीन सुरक्षाबलों पर हमला किया गया था।
- 19 अप्रैल 2015: फ्रांस के दो चर्च में एक अल्जीरियाई यहूदी ने हमला किया था। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई थी।
- 26 जून 2015: पूर्वी फ्रांस की एक गैस फैक्ट्री में इस्लामी हमलावर ने एक व्यक्ति की गला काटकर हत्य कर दी थी।
- 13 नवंबर 2015: पेरिस और उसके उपनगरीय इलाके सेंट डेनिस में शाम के वक्त सिलसिलेवार आतंकी हमले हुए थे। इस हमले में 129 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद देश में आपातकाल लगा दिया गया था।
- 15 जुलाई 2016: फ्रांस के दक्षिणी शहर नीस में एक बड़े हमले को अंजाम दिया गया था, जिसमें 84 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
- 21 अगस्त 2016: एम्सटर्डम से पेरिस जा रही एक हाईस्पीड ट्रेन में भारी हथियारो से लैस एक आतंकी ने फायरिंग की थी। इस हमले में चार लोग घायल हो गए थे।
- 17 अक्टूबर 2020: राजधानी पेरिस में इतिहास के एक शिक्षक द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी के मायने समझाने के लिए छात्रों को पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाए जाने पर गला काटकर हत्या कर दी गई।
- 29 अक्टूबर 2020: फ्रांस के नीस शहर में नॉट्र डैम चर्च में ट्यूनीशिया के रहने वाले एक शख्स ने बेरहमी से एक महिला और दो अन्य लोगों की चाकू से हत्या कर दी।