HIGHLIGHTS Knife Attacked Near Magazine Charlie Hebdo Office: पेरिस स्थित मशहूर व्यंग पत्रिका शार्ली हेब्दो के पुराने ऑफिस के पास चाकू से हमला किया गया। पेरिस पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि पूर्वी पेरिस में बास्तील प्लाजा के पास एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक बार फिर से एक बड़े हमले को अंजाम दिया गया है। शुक्रवार को पेरिस स्थित मशहूर व्यंग पत्रिका शार्ली हेब्दो ( Charlie Hebdo ) के पुराने ऑफिस के पास चाकू से हमला किया गया। चाकूबाजी की इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। घायलों में से दो की हालत बहुत ही नाजुक है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सुरक्षाबलों की एक टीम पहुंच गई और पूरे इलाके को घेर लिया। त्वरित गति से जांच करते हुए सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध को पकड़ लिया है।
फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ( French PM Jean Castex ) ने इस घटना की जानकारी दी है। पेरिस पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि अधिकारियों को शुरू में ऐसा लगा कि इस घमले में दो लोग शामिल हैं, लेकिन अब उनका मानना है कि घटना को एक व्यक्ति ने अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि पूर्वी पेरिस में बास्तील प्लाजा के पास उसे हिरासत में ले लिया गया है।
2015 में पत्रिका के कार्यालय में हुआ था हमला
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि फिलहाल हमले का मकसद पता नहीं चल पाया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या यह घटना शार्ली हेब्दो से संबंध है। चूंकि 2015 में साप्ताहिक व्यंग पत्रिका शार्ली हेब्दो मोहम्मद पैगंबर का कार्टून प्रकाशित किया था, जिसके बाद से कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पत्रिका के कार्यालय पर हमला किया था। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से पत्रिका ने यहां पर अपना ऑफिस बंद कर दिया है।
इस हमले को लेकर शार्ली हेब्दो ने मुकदमा दर्ज कराया था और अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनके खिलाफ सुनवाई हो रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार की दोपहर को कोर्ट में गवाही होनी थी। इस केस की सुनवाई शुरू होने को लेकर पत्रिका ने एक बार फिर से मोहम्मद पैगंबर के कार्टून को छापने का फैसला किया था। बहरहाल, इस घटना की जांच पुलिस कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने हमलावरों या घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने इस हमले के बाद पेरिस के एक उत्तरी उपनगर की यात्रा बीच में ही रोक दी, ताकि वह घटनाक्रमों की निगरानी के लिये गृह मंत्रालय जा सकें।