दो अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्यिक दूतावास के अंदर जाने के दो मिनट के बाद ही खशोगी पर हमला कर दिया गया और सात मिनट में ही उनकी मौत हो गई।
एक विदेशी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी पर दूतावास में घुसने के दो मिनट के भीतर ही हमला किया गया था। यही नहीं सात मिनट के अंदर ही उनकी मौत हो गई थी। रिपोर्ट में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तइप एर्दोगन से जुड़े एक शख्स के हवाले से कहा गया कि जिस गति से खाशोग्गी की हत्या की गई, उससे साफ पता चलता है कि यह सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है।
रिपोर्ट मुताबिक, दो अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्यिक दूतावास के अंदर जाने के दो मिनट के बाद ही खशोगी पर हमला कर दिया गया और सात मिनट में ही उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि 22 मिनट के अंदर उनके शरीर के अंगों को अलग-अलग कर दिया गया।
तुर्की के अधिकारियों ने पहले कहा था कि खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब की टीम अपना काम करके दो घंटे से भी कम समय में वहां से चली गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सऊदी अरब के हत्यारे एजेंटों ने भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए खशोगी के एक बॉडी डबल का भी इंतजाम किया था और उसे खशोगी के कपड़े पहना दिए गए थे ताकि हत्या को कवर-अप किया जा सके।
तुर्की की ओर से जारी सीसीटीवी फुटेज में खशोगी जैसे शख्स को खशोगी की हत्या के तुरंत बाद इंस्ताबुल की सड़कों पर घूमते देखा जा सकता है।