अमरीका की ओर से डील को रद्द करने के दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ 6 अरब डॉलर के S-400 ऐंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल डील पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली। भारत ने साफ किया है कि अमरीका से होने वाली 2+2 वार्ता के चलते ईरान और रूस के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को लेकर अपने रवैये में कोई बदलाव नहीं करेगा। मंगलवार को भारत ने रूस के साथ डिफेंस डील और ईरान के साथ होने वाले आयल ट्रेड पर पीछे न हटने के संकेत दिए। भारत ने यह भी साफ किया कि इस बारे में भारत के ऊपर प्रेशर डालने का कोई औचित्य नहीं है। अमरीका को इस संबंध में कोई भी फैसला लेने से पहले दोनों देशों के आपसी संबंधों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जारी रहेंगे रूस और ईरान के साथ संबंध
रूस से रक्षा सौदे और ईरान से तेल आयात को लेकर भारत ने अमरीका को स्पष्ट रूस से अपना पक्ष बता दिया है।भारत ने साफ किया है कि वह अमरीकी प्रतिबंधों के दवाब के चलते ईरान से तेल का आयात बंद नहीं करेगा। बता दें कि 2+2 वार्ता के लिए अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री जिम मैटिस भारत आ रहे हैं। गुरुवार को ये दोनों नेता अपने भारतीय समकक्षों विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन से मुलाकात करेंगे। बता दें कि अमरीका की ओर से डील को रद्द करने के दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ 6 अरब डॉलर के S-400 ऐंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल डील पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है।
अमरीका से द्विपक्षीय संबंधों को तरजीह देने की अपील
भारत ने इस वार्ता को दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है की यह वार्ता बेहद कूटनीतिक महत्व का बताते हुए विदेश मंत्रलय ने एक बयान में कहा, 'हमें उम्मीद है कि अमेरिका यह नहीं भूलेगा कि भारत के साथ उसके रणनीतिक संबंध किस स्तर के हैं। अमरीका को यह समझना होगा की दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व को ध्यान में रखते हुए ईरान और रूस के साथ डील करने पर लगाए गए प्रतिबंधों से बचना होगा।'