पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 27 सितंबर को यूएन में कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यूएन में अपना संबोधन देंगे
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। यूएन में भारत स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि यूएन में उच्चस्तरीय महासभा सत्र में पाक अपना स्तर नीचा गिराकर कश्मीर का मुद्दा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि पाक जितना निचले स्तर पर पहुंचेगा उतना ही हम उठेंगे। मीडिया से बातचीत की दौरान उन्होंने कहा कि हमने उन्हें मुख्य धारा में लाने की कोशिश की। मगर वह नफरत से भरे बयानों को यूएन में लाना चाहते हैं। अगर उनको यही करना है तो यह उनकी सोच होगी। इससे उनका स्तर नीचे गिरेगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी दिन महासभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान कश्मीर को लेकर बहस भी छिड़ सकती है।
इमरान के साथ-साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री खान यूएन महासभा में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे।
गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन से पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान कश्मीर मुद्दा सामने आएगा। अगर आया तो वह किस तरह से निपटेंगे।
इसके जवाब में अकबरुद्दीन ने कहा कि यूएन में एक देश फिर वही पुराने राग अलापेगा। उन्होंने कहा कि हर देश के पास विकल्प है कि वह वैश्विक प्लेटफॉर्म पर किस तरह खुद को पेश करेगा। कुछ देश अपनी बातों को रखने के लिए नीचा गिर सकते हैं, लेकिन हमें भरोसा है कि हमारा स्तर ऊपर उठेगा। आप जितना नीचे गिरेंगे, हम उतना ऊपर आएंगे।