Kulbhushan Jadhav case: कुलभूषण जाधव को 3 मार्च 2016 को जासूसी के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था फरवरी में आईसीजे ( International Court of Justice ) में कुलभूषण जाधव मामले की हुई थी सुनवाई
नई दिल्ली । पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में जल्द ही फैसला आ सकता है। डॉन न्यूज के अनुसार हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) जुलाई महीने की 17 तारीख को कुलभूषण जाधव पर फैसला सुनाएगा। मीडिया की खबरों के मुताबिक आईसीजे में कुलभूषण मामले पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय का अहम एलान
गुरुवार को पाक जेल में बंद कुलभूषण जाधव मामले पर जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय को फैसला सुनाना है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह फैसला कब आएगा। हालांकि उन्होंने इस बात की जानकरी दी कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जल्द ही इसका एलान करेगा।
भारत के लिए बेहद अहम है यह मुद्दा
भारत के लिए यह सफलता बेहद अहम है। बता दें कि 20 फरवरी को भारत ने कुलभषण जाधव की मौत की सजा को रद्द करने की मांग की थी। भारत ने सुनवाई के दौरान पाकिस्तान की सैन्य अदालत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया था। सुनवाई में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा था कि जाधव को गैरकानूनी और अवैधानिक तरीके से पाकिस्तान की जेल में बंद किया गया है। उन्होंने मांग की थी कि इसे गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस केस में मौखिक जानकारी साझा कर दी गई है।
क्या है कुलभूषण मामला
आपको बता दें कि भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से चले मुकदमे में जाधव को मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत का पक्ष यह है कि कुलभूषण को अवैध रूप से ईरान-पाक सीमा से अरेस्ट किया गया था। असल में कुलभूषण जाधव सेना से रिटायर होकर बिजनेस के सिलसिले में ईरान गए थे, जहां से पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने उनको अगवा कर लिया था। कुलभूषण को फांसी की सजा होने के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी।
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