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हरकत से बाज आने को तैयार नहीं है पाक, एस. जयशंकर के रहते सार्क बैठक में नहीं पहुंचे शाह महमूद कुरैशी

सार्क बैठक में पाक का रहा असहयोगी रवैया एस जयशंकर के रहते सार्क बैठक में नहीं पहुंचे महमूद कुरैशी पाक से बातचीत के लिए आतंकवाद का खत्‍मा पहली शर्त

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नई दिल्‍ली। एक तरफ पाकिस्तान कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्‍लंघन को लेकर पूरी दुनिया के सामने शोर मचा रहा तो दूसरी ओर सार्क के मंच पर उसका असहयोगी रवैया पहले की तरह जारी है। न्यूयॉर्क में हो रही दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान बौखलाए पाकिस्तान ने भारत की मौजूदगी की वजह से हिस्सा नहीं लिया। इसके बावजूद पाक पूरी दुनिया को यह कहता फिर रहा है कि भारत उससे बात तक करने को राजी नहीं है।

दरअसल, न्‍यूयॉर्क में आयोजित सार्क विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी एस जयशंकर के संबोधन के दौरान बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बैठक में शाह महमूद कुरैशी देर से पहुंचे। जब वे पहुंचे तब तक विदेश मंत्री एस जयशकंर बैठक से बाहर निकल चुके थे।

सार्क की सफलता के लिए आतंकवाद का सफाया पूर्व शर्त

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में कहा कि आतंकवाद का हर रूप में सफाया करना न सिर्फ दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच सार्थक सहयोग के लिए बल्कि क्षेत्र के अपने अस्तित्व के लिए भी पूर्व शर्त है। उन्होंने कहा कि सार्क वास्तव में सिर्फ चूके हुए अवसरों की नहीं बल्कि जानबूझकर बाधाओं में फंसने की कहानी भी है. आतंकवाद उनमें से एक है।

इससे पहले जीसीसी बैठक का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि संगठन के महासचिव अब्दुल्लतीफ बिन अब्दुल्ला अज जायानी, ओमान के विदेश मंत्री यूसुफ बिन अलावी बिन अब्दुल्ला और संयुक्त यूएई के विदेश राज्यमंत्री अनवर मोहम्मद गर्गश के साथ बैठक की। उन्‍होंने कहा कि संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए काफी सार्थक बैठक हुई। बैठक में जीसीसी के सदस्य देशों तथा भारत के दोस्ताना रिश्तों की समीक्षा की गई।

Updated on:
27 Sept 2019 08:43 am
Published on:
27 Sept 2019 08:39 am
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