Highlights माली (Mali) में विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के निजी आवास को घेर लिया। विद्रोही सैनिकों (Rebel Soldiers) ने हवा में गोलियां चलाईं, अभी तक ये सामने नहीं आया है कि इस विद्रोह के पीछे किनका हाथ है।
बमाको। पश्चिम अफ्रीकी देश माली (Mali) में प्रशासनिक हालत बेहद खराब हो चुके हैं। यहां पर सेना ने राष्ट्रपति और पीएम को हिरासत में ले लिया है। इसे तख्तापलट (Coup) का प्रयास माना जा रहा है। इससे पहले माली में विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के निजी आवास को घेर लिया और हवा में गोलियां चलाईं।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों को बंदी बना लिया गया। हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि इस विद्रोह के पीछे किनका हाथ है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बामको के पास काटी शहर में गोलियों चलने की आवाजें सुनाई दी हैं।
राष्ट्रपति और पीएम हिरासत में
माली में सैनिकों ने राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता (Ibrahim Boubacar Keïta)और पीएम बाउबो सिसे (Boubou Cisse)को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को राजधानी बामाको में काती के निवास से हिरासत में लिया गया है। बमाको की सड़कों पर सैनिक घूमते दिखाई दिए। इससे ये तय हो गया कि स्थिति सेना के नियंत्रण में है। वैसे सैनिकों की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है। इस संबंध में एक क्षेत्रीय अधिकारी ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति और पीएम को मंगलवार शाम बंधक बना लिया गया।
पहले भी यहां 2012 सैनिकों ने तख्तापलट किया था। अशांति काती शहर के गैरीसन शहर में एक दिन पहले हुई थी। यहां आठ साल पहले तख्तापलट की शुरुआत हुई थी। सैनिकों ने बैरक में शस्त्रागार से हथियार ले लिया। इसके बाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सैनिकों के इस काम की सराहना की। कुछ ने एक इमारत में आग लगा दी जो माली के न्याय मंत्री की है।
बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे विद्रोही
इस बीच बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के विरोध राजधानी बमाको की चौक पर इकट्ठा हुए। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वहां के विद्रोहियों से हिंसा छोड़ने की अपील भी की है। विदेशी दूतावासों ने लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी है।