अंगूठी को खोने के एक साल बाद, उसकी पत्नी को एक फेसबुक पोस्ट पर एक अंगूठी दिखाई दी
नई दिल्ली। समुद्र में खो जाने वाली चीज़ों को दोबारा पाना मुमकिन है क्या? न्यू जर्सी में एक व्यक्ति की कहानी सुनिए, उनकी शादी की अंगूठी खोने के एक साल बाद उनके साथ एक आश्चर्य वाली बात हुई। 13 अगस्त 2016 को, डेप्फोर्ड से मिकी वॉल्श 55 वीं स्ट्रीट तट पर अपने परिवार के साथ समुद्र के किनारे छुट्टियां मानाने गए थे,वह मज़े लेने के लिए पानी में उतरे उससे पहले वह अपनी शादी की अंगूठी निकलना भूल गया।
वॉल्श ने बताया, "मैं लहरों में खेल रहा था और मैंने देखा कि मेरी अंगूठी मेरे हाथ में नहीं है।" "जब भी मैं समुद्र में जाता हूं, तब भी मैं हमेशा उतर कर जाता हूं, जो भी हो, मुझे उस समय यह खयाल नहीं आया के मैं उसे उतर दूँ। मैंने बहुत ध्यान से सोचा फिर भी मुझे कुछ याद नहीं आ रहा था के मैंने उसे कहाँ गुम कर दिया? "
अंगूठी को खोने के एक साल बाद, उसकी पत्नी को एक फेसबुक पोस्ट पर एक अंगूठी दिखाई दी, उसकी पत्नी को उसकी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था। वह अंगूठी जो उसने देखि थी वह हूबहू उसके पति की अंगूठी की तरह ही दिखती थी।
वॉल्श कहते हैं "मैं काम पर था तब मेरी पत्नी का मुझे मेसेज आया, उसमे लिखा था 'हे! मुझे लगता है कि किसी को तुम्हारी अंगूठी मिली है,' 'वॉल्श ने अपनी पत्नी से कहा, "मेरी रिंग? ऐसा हो ही नहीं सकता है मैं नहीं मानता।" बाद में यह पता चला कि अंगूठी वास्तव में उनकी है।
अंगूठी 17 अगस्त को, लगभग एक साल की तारीख में किसी को मिली थी, वह एक 11 साल का लड़का था उसका नाम है डैनियल बार नाम के इस लड़के को अंगूठी मिल भी गई। वह अंगूठी के मालिक के लिए आस-पास पूछने लगा लेकिन वह उसके मालिक ढूंढ नहीं पाया।
तब उसने फेसबुक के ज़रिये उसके मालिक तक पहुँचने की खोज शुरू की। उसने अंगूठी की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की और लिखा मुझे एक अंगूठी मिली है अगर यह पोस्ट वह आदमी देख पा रहा है जिसकी यह अंगूठी है तो वह मुझसे तुरंत संपर्क कर सकता है। वाल्श ने कहा, " मैंने अपने पोस्ट पर सारी जानकारी लिख दी थी।"
वॉल्श की पत्नी ने पोस्ट देखते ही बैर को संपर्क किया और उसे पुरानी पर्याप्त फोटोज दिखा कर उसे यकीन दिलाया के अंगूठी सच में उसके पति की ही है। बैर ने सज्जन पुरुष की तरह उस अमानत को उसके असली मालिक तक पहुंचा दिया।
बैर कहते हैं, मेरे पापा मुझसे हमेशा कहा करते थे की कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए और जब किसी के लिए कुछ अच्छा करने का मौका मिले तो पीछे भी नहीं हटना चाहिए।