
वॉशिंगटन। अमरीका की वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना का दावा है कि उनका टीका 12-17 साल के बच्चों पर अत्याधिक प्रभावी है। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि वे अमरीका और अन्य देशों में जून की शुरुआत में वैक्सीन को मान्यता दिलाने के लिए मांग करेगी। फाइजर के बाद बच्चों पर प्रभावी वैक्सीन का दावा करने वाली मॉडर्ना दूसरी वैक्सीन बन चुकी है।
फाइजर को मिल चुकी अनुमति
इससे पहले वैक्सीन निर्माता फाइजर-बायोएनटेक का दावा था कि उनका टीका 12 से 15 साल के बच्चों पर काफी प्रभावी है। इतना ही नहीं कंपनी ने कहा था कि उनकी वैक्सीन का बच्चों पर कोई साइड इफेक्ट नहीं है। कंपनी के अनुसार अमरीका में वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में 2,250 बच्चों को टीका लगाया गया था। कंपनी का दावा है कि बच्चों को वैक्सीन देने के बाद यह सौ प्रतिशत असरदार है। वैक्सीन के ट्रायल अक्टूबर 2020 में शुरू हो गए थे।
अमरीका और कनाडा में मिल चुकी मंजूरी
इससे पहले अमरीका और कनाडा के बच्चों को वैक्सीन के उपयोग की मंजूरी दे चुका है। दोनों देशों ने फाइजर की वैक्सीन 12 से 15 साल के बच्चों पर आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। फाइजर 16 वर्ष से अधिक उम्र को पहले ही वैक्सीन लगा रही थी।
भारत में क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी
भारत में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 2-18 आयु वर्ग में COVAXIN के दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दी थी। भारत बायोटेक 525 वालंटियर पर ट्रायल करेगी।