
नई दिल्ली। हॉलीवुड अभिनेत्री एलिसा मिलानो द्वारा '#MeToo हैशटैग के साथ 15 अक्टूबर 2017 को शुरू हुए मी टू अभियान को एक साल होने जा रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने अभिनेता हार्ले वाइंस्टीन पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था। अब उनके द्वारा शुरू किये गए इस अभियान को एक साल होने को आए हैं। एक साल में '#MeToo शब्द पूरी दुनिया में वायरल हो गया है। इस एक साल में अलग-अलग देशों में 50 से ज्यादा पुरुषों पर मी टू अभियान के तहत यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगा। हालांकि अभी तक इस अभियान के तहत केवल अमरीकी टीवी आर्टिस्ट बिल कॉस्बी को ही सजा मिली है। हाल में ही एक अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा दी है।
पूरी दुनिया में लोकप्रिय हुआ 'मी टू'
अमरीका से शुरू हुआ यह अभियान अब पूरी दुनिया में पॉपुलर हो गया है। करीब 85 देशों की महिलाएं अपनी आप-बीती बताने के लिए #MeToo हैशटैग का इस्तेमाल कर अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहारों का राज खोल रही हैं। भारत इन देशों में अग्रणी है जहां की महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार पर खुलकर बातचीत की है और बड़ी हस्तियों के राज खोले हैं। आइए एक नजर डालते हैं कि दुनिया में इस अभियान के तहत कौन से प्रमुख मामले सामने आए हैं।
अमरीका- फिल्म प्रॉड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन पर सबसे पहले यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया । इसके बाद मी टू मुहिम पूरे अमरीका में शुरू हो गई। एक ही रात में इस हैशटैग के साथ 5 लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए। हालांकि वाइंस्टीन का दावा था कि उन्होंने किसी भी महिला से बिना सहमति संबंध नहीं बनाए।उसके बाद तो कई अमरीकी अभिनेत्रियों ने #MeToo के तहत अपने साथ हुए यौन शोषण की बात दुनिया के सामने रखी। ग्वानेथ पाल्ट्रो, एम्मा वाटसन, एंजेलीना जोली, सलमा हयाक, एशले जुड, उमा थुरमैन और एशिया अर्गेंटो समेत 80 से अधिक महिलाओं ने वाइंस्टीन पर यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। 25 मई 2018 को यूएस पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।हाल में ही अमरीका में सुप्रीम कोर्ट के जज बने कैवनॉग पर चार महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। हालांकि उन पर आरोप साबित नहीं हुए और वे सुप्रीम कोर्ट के जज बन गए।
भारत- भारत में #MeToo अभियान के तहत सबसे अधिक सनसनी खेज मामले सामने आए हैं। अभिनेत्री तनु श्री दत्ता ने सबसे पहले मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ मी टू अभियान के तहत यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। फिर तो एक के बाद एक बॉलीवुड की अभिनेत्रियों और आम लड़कियों ने कई अभिनेताओं और निर्माता-निर्देशकों के खिलाफ आरोप लगाए। मशहूर टीवी शो ‘तारा’ की राइटर-प्रोड्यूसर ने अभिनेता आलोक नाथ पर उनसे दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। लेखक चेतन भगत पर एक महिला ने अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया। नताशा हेमरजानी नाम की एक जर्नलिस्ट ने गायक कैलाश खेर पर यह यौन शोषण करने का आरोप लगाया। अभिनेता रजत कपूर पर एक महिला पत्रकार ने गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है।भारत में केवल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर ही यौन शोषण के आरोप नहीं लगे, बल्कि इसकी जद में कई नेता और पत्रकार भी आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री और एम जे अकबर पर महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप लगा है। स्टैंड-अप कॉमेडियन उत्सव चक्रवर्ती पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। फिल्म निर्माता विकास बहल पर फैंटम फिल्म्स की एक महिला स्टाफ ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। अभिनेत्री कंगना राणावत ने इस मामले में कूदते हुए ने विकास बहाल द्वारा उनके साथ किए गए यौन दुर्व्यवहार का जिक्र किया।
पुर्तगाल- फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर भी एक मॉडल के रेप का आरोप लगा। इसके बाद पुर्तगाल ने राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से रोनाल्डो की छुट्टी कर दी।
चीन- चीन में भी #MeToo के तहत महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की लेकिन सरकार ने इसे दबा दिया। चीन में यौन उत्पीड़न की शिकार एक किशोरी के आत्महत्या करने के बाद यहां भी मी टू अभियान शुरू हो गया।चीन की सोशल मीडिया में यह मुद्दा खूब उछला लेकिन बाद में चीन की सरकार ने इसे पूरी तरह दबा दिया।
नोबेल पर असर
#MeToo अभियान का असर नोबल पुरस्कारों पर भी पड़ा। इस विवाद के चलते इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया। स्वीडिश एकैडमी ने #MeToo कैंपेन के समर्थन में इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार न देने की मांग की।उधर ग्रैमी अवॉर्ड्स में भी #MeToo की गूंज सुनाई दी। बाफ्टा में भी 190 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाई। कान्स फेस्टिवल में भी यह मुद्दा छाया रहा।