74 वर्षीय परवेज़ मुशर्रफ पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उन्हें मई के अंत में या जून में पाक लौटकर कोर्ट में पेश होना था।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने रविवार को कहा कि वह अंतरिम सरकार के गठन होने तक देश नहीं लौटेंगे। मुशर्रफ ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान लौटने पर सुरक्षा देने की उनकी अर्जी को खारिज कर दिया है। 74 वर्षीय मुशर्रफ पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उन्हें मई के अंत में या जून में पाक लौटकर कोर्ट में पेश होना था। गौरतलब है कि पूर्व सैन्य शासक पर मार्च 2014 में देश में आपातस्थिति को लागू करने के लिए देशद्रोह के आरोपों का अभियोग लगाया गया था।
मुशर्रफ कर रहे सुरक्षा की मांग
पाकिस्तान में वर्ष 1999 से 2008 तक शासन कर चुके मुशर्रफ ने अपनी वापसी के लिए सरकार से पर्याप्त सुरक्षा मांगी है। उनके वकील ने गृह मंत्रालय में एक आवेदन दिया है जिसमें कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति की जान को खतरा है। पार्टी ने फैसला किया है कि मुशर्रफ के लिए पूर्ण सुरक्षा की मांग करते हुए एक नया आवेदन सरकार को दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुशर्रफ को पाकिस्तान की सरकार ने इलाज के लिए बाहर जाने की अनुमति दी थी और पिछले साल से वह दुबई में रह रहे हैं।
जल्द कार्यवाहक सरकार बने
पार्टी के एक नेता ने ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि जितनी जल्दी कार्यवाहक सरकार बनती है, मुशर्रफ मई या जून के आरंभ में देश वापस लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उनके वतन वापसी की तारीख तय करेगा। पिछले साल इलाज के लिए दुबई जाने की अनुमति मिलने के बाद से ही मुशर्रफ वहीं रह रहे हैं।
सुरक्षा की मांग को ठुकराया था
इससे पहले 28 मार्च को पाकिस्तान सरकार ने स्वदेश आने पर सुरक्षा मुहैया कराने की पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की मांग को खारिज कर दिया था। अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने मुशर्रफ के वकील को पत्र लिखकर कहा था उन्हें सुरक्षा मुहैया कराना उसका काम नहीं है। 13 मार्च को मुशर्रफ की तरफ से दिए गए आवेदन में पाकिस्तान लौटने पर उन्हें सुरक्षा देने की मांग की गई थी।