
सियोल। उत्तर कोरिया (North Korea) ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने पर कार्रवाई करते हुए दक्षिण कोरिया से उससे सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को खत्म करने का फैसला लिया है। कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, उत्तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने पर रोक न लगाने पाने पर दक्षिण कोरिया की निंदा की है। इसके बाद उत्तर कोरिया ने सख्त कार्रवाई करते हुए पड़ोसी देश के साथ सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को पहले कदम के रूप में, उत्तर कोरिया एक अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय में संचार की लाइन और राष्ट्रपति कार्यालयों के बीच हॉटलाइन पर रोक लगा दी है। केसीएनए के अनुसार उत्तर कोरिया के लोग दक्षिण कोरिया के व्यवहार से नाराज हैं, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
दक्षिण कोरिया ने हमेशा चोट पहुंचाई
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया का आरोप है कि इस तरह से सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (Kim jong un) की छवि को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। ये दक्षिण के गैरजिम्मेदाराना रवैया का नतीजा है। एक बयान में उत्तर कोरिया ने कहा कि ये हमारे सभी लोगों के लिए संकेत था कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही अब दक्षिण कोरिया के साथ चर्चा करने की कोई समस्या नहीं है, क्योंकि उन्होंने केवल हमारी निराशा को जगाया है।
किम जोंग उन की बहन ने दी थी चेतावनी
ऐसा बताया जा रहा है कि किम जोंग उन की बहन इस बात से काफी खफा थीं। उनका कहना था कि विद्रोहियों के खिलाफ अगर कार्रवाई नहीं की गई तो दक्षिण कोरिया से संबंध तोड़ लिए जाएंगे। मीडिया रिपार्ट के अनुसार उत्तर कोरिया के साथ लगी दक्षिण कोरिया की सीमा से उत्तर कोरियाई विद्रोहियों द्वारा कई बार गुब्बारे उड़ाए जाते हैं। इन गुब्बारों में किम जोंग के खिलाफ नारेबाजी और कई बार उनमें गालियां भी लिखी रहती हैं।