
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलने के लिए नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग सिंगापुर पहुंचे हुए हैं। 12 जून को दोनों नेताओं के बीच होने वाली ऐतिहासिक बैठक के लिए किम 10 जून को ही सिंगापुर पहुंच गए थे। यहां सबसे चौंकाने वाली यह है कि दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों के मुकाबले किम जोंग अपनी सुरक्षा को लेकर सबसे अधिक गंभीर हैं। यही कारण है कि सिंगापुर यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक चौकसी दिखाई है। सुरक्षा के प्रति गंभीरता का आलम यह है कि प्योंगयांग ने किम से पहले दो खाली विमानों को सिंगापुर भेजकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया। कोई खतरा न भांपते हुए तीसरे विमान से किम को सिंगापुर पहुंचाया गया। आपको बता दें कि किम जोंग चीन के विमानन कंपनी के विमान से सिंगापुर गए हैं।
अपने नेता की सुरक्षा को लेकर प्योंगयांग इतनी सर्तकता बरत रहा है कि किम की सिंगापुर यात्रा के दौरान उनकी काले रंग की कार के साथ 20 ऐसे ही वाहनों को भी काफिले में शामिल किया गया था। इन सभी वाहनों में ऐसे जांबाज जवानों को रखा गया था, जो किसी भी हमले को नाकाम कर सकते थे। इसके साथ ही किम जोंग के अपने निजी अंगरक्षक उनकी गाड़ी के साथ नीचे दौड़ रहे थे। यही नहीं ये अंगरक्षक तब तक किम के साथ रहे जब तक कि वह सेंट रेजिस हॉटल में सुरक्षित नहीं पहुंच गए। एहतियात के तौर पर किम के काफिले में एंबुलेंस के साथ अन्य इमरजेंसी सुविधाओं से लैस वाहनों को भी रखा गया था।
दरअसल, अमरीका और नॉर्थ कोरिया के बीच लंबे समय तक चली तनातनी के बाद दोनों देशों के रिश्ते अभी पटरी पर आते नजर आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच यह विवाद उस समय खड़ा हो गया था जब नॉर्थ कोरिया ने एक के बाद परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था। ट्रंप द्वारा ऐतराज जताने पर नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन अमरीका पर भी परमाणु हमला करने की चेतावनी दी थी।