ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ( University of Oxford coronavirus vaccine ) और एस्ट्राजेनेका ( AstraZeneca coronavirus vaccine ) कंपनी का संयुक्त परीक्षण। कंपनी की दवा ने शुरुआती परीक्षण ( Coronavirus Vaccine Trails ) में इम्यून सिस्टम पर प्रतिक्रिया दिखाई। एस्ट्राजेनेका दुनियाभर की सरकारों से कर रखा है वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) की आपूर्ति का समझौता।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच हर किसी को जल्द से जल्द इसकी वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) या दवा का इंतजार है। हर कोई यह खुशखबरी सुनने को बेकरार है। लेकिन इस बीच एस्ट्राजेनेका ( AstraZeneca coronavirus vaccine ) की प्रायोगिक कोरोना वायरस वैक्सीन के सोमवार को नतीजे सामने आए। शारीरिक रूप से स्वस्थ वॉलेंटियर्स पर इस वैक्सीन के किए गए शुरुआती परीक्षण यानी ह्यूमन ट्रायल्स ( human trials ) में ना केवल यह वैक्सीन सुरक्षित रही बल्कि इसने इम्यून रिस्पॉन्स भी दिखाया।
ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ( University of Oxford coronavirus vaccine ) के वैज्ञानिकों और AstraZeneca के संयुक्त प्रयास से बनाई जा रही वैक्सीन को फिलहाल AZD1222 कोड नाम दिया गया है और यह डेवलपमेंट स्टेज में है। लैंसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इसके नतीजों के मुताबिक इस वैक्सीन ( coronavirus vaccine latest update ) ने अपने परीक्षण चरण के दौरान किसी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं दिखाए और एंटीबॉडी हासिल करने के साथ ही टी-सेल इम्यून प्रतिक्रिया भी दी।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एंड्र्यू पोलार्ड के मुताबिक, "हमें उम्मीद है कि इसका मतलब है कि शरीर का इम्यून सिस्टम इस वायरस को याद रखेगा, इसलिए हमारी वैक्सीन लोगों को लंबे वक्त तक इससे सुरक्षित रखेगी। हालांकि यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus Vaccine In Hindi ) के खिलाफ कितनी प्रभावी है और कितने लंबे वक्त तक सुरक्षा प्रदान करती है, हमें कुछ और शोध करने पड़ेंगे।"
बता दें कि एस्ट्राजेनेका दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ विकसित की जा रही तमाम प्रमुख वैक्सीन में से एक है, जिनमें कई बीच के और कई अंतिम चरण के परीक्षण ( Coronavirus Vaccine Trails ) में हैं। यह महामारी अब तक दुनिया में 600,000 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है।
वैक्सीन बनाने में जुटी कंपनियों मे चीन की सिनोवैक बायोटेक, यहीं की सरकारी स्वामित्व वाली सिनोफार्मा और अमरीकी कंपनी मॉडर्ना शामिल है।
अगर इसकी वैक्सीन प्रभावी साबित होती है और इसे नियामकों से मंजूरी मिल जाती है तो टीके की आपूर्ति के लिए AstraZeneca ने दुनिया भर की सरकारों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने कहा है कि यह महामारी के दौरान वैक्सीन से मुनाफा कमाने पर विचार नहीं करेगी।
शोधकर्ताओं ने कहा कि नियंत्रण समूह की तुलना में वैक्सीन ( Coronavirus vaccine clinical trial ) ने मामूली दुष्प्रभाव दिखाए, लेकिन इनमें से कुछ को पैरासिटामोल लेने से कम किया जा सकता है और वैक्सीन से कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखे।