
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने बुधवार को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 2020 ( eu summit ) को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी साझेदारी विश्व में शांति और स्थिरता के लिए उपयोगी है। इसके साथ ही यह वास्तविकता आज की वैश्विक स्थिति में और भी स्पष्ट हो गई है।
शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ( pm modi ) ने यूरोप में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के कारण हुए नुकसान पर संवेदना व्यक्त की। फिर पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ ( European Union ) के संबंधों को गहराई प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताते हुए दोनों के बीच एक कार्रवाई उन्मुख (action oriented) एजेंडा ( Agenda of Alliance ) बनाने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा, "हम दोनों ही लोकतंत्र, बहुलवाद, समावेशिता, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का सम्मान, बहुपक्षीय स्वतंत्रता, पारदर्शिता जैसे विश्वव्यापी मूल्यों को साझा करते हैं। ऐसे में भारत-ईयू साझेदारी, आर्थिक पुनर्निर्माण में और एक मानव-केंद्रित और मानवता-केंद्रित ग्लोबलाइजेशन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।"
पीएम ने आगे कहा कि "तात्कालिक चुनौतियों के अलावा जलवायु परिवर्तन जैसी दीर्घकालिक चुनौतियां भी हम दोनों के लिए प्राथमिकता हैं। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के हमारे प्रयत्नों में हम यूरोप के निवेश और प्रौद्योगिकी को आमंत्रण देते हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "भारत और ईयू स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी साझेदारी विश्व में शांति और स्थिरता के लिए भी उपयोगी है। यह वास्तविकता आज की वैश्विक स्थिति में और भी स्पष्ट हो गई है। इसके लिए हमें एक दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए। एक एक्शन ओरिएंटेड एजेंडा (कार्रवाई उन्मुख एजेंडा) भी बनाना चाहिए, जिसे निर्धारित समय-सीमा में कार्यान्वित किया जा सके।"
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से पहले मोदी ने कहा था कि इस वार्ता से यूरोप के साथ देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
यूरोपियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा किए गए ट्वीट के जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, "भविष्य प्रौद्योगिकी का है। हमारे लोगों के लाभ के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी के उपयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ काम करना महत्वपूर्ण है।"
यूरोपियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ट्वीट में लिखा, "हमारे डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने में भारत, यूरोपीय संघ के लिए एक स्वाभाविक भागीदार है। इसलिए मैंने पीएम नरेंद्र मोदी को एक उच्च-स्तरीय यूरोपीय संघ-भारत के डिजिटल निवेश मंच आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें हमारे कारोबारी नेता सहयोग के ठोस अवसरों पर चर्चा कर सकते हैं।"