ब्रिटिश पीएम टेरेसा मे से द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी आतंकवाद और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ लगाम लगाने की कोशिश करेंगे।
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी लंदन पहुंच गए हैं। वहां दिनभर कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। इस बीच वह अपने समकक्ष ब्रिटिश पीएम टेरेसा मे से द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीएम के एजेंडे में आतंकवाद और भारत के भगोड़े धनकुबेरों पर शिकंजा कसने का मुद्दा प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। इसके अलावा वीजा, अप्रवासी भारतीय और अलगाववाद सहित वैश्विक घटनाओं पर बातचीत की संभावना है। इस बात की भी संभावना है कि ब्रिटिश पीएम टैरेसा मे उनके समक्ष ब्रिक्स से यूके को राजनीतिक और आर्थिक तौर संभावित नुकसान का मुद्दा भी उठा सकती हैं।
विजय माल्या पर कस सकता है शिकंजा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त यशवर्धन कुमार सिन्हा ने बताया है कि ब्रिटिश अदालत में भारत के भगोड़े आर्थिक अपराधियों को पर शिकंजा कसने में ब्रिटिश सरकार से सहयोग हासिल करने की योजना है। लिकर किंग विजय माल्या और ललित मोदी जैसे लोग भारत सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाकर ब्रिटेन में आराम की जिंदगी जी रहे हैं। जबकि अदालतों में उनके खिलाफ केस चल रहा है। भगोड़े आर्थिक अपराधी विदेशी कानून का लाभ उठाकर भारत सरकार को आंख दिखा रहे हैं। इसी तरह प्रायोजित आतंकवाद पर मिलकर लगाम लगाने को लेकर करार हो सकता है। आपको बता दें कि भारत में ब्रिटेन का निवेश पहले नंबर पर था और अब जापान के बाद दूसरा स्थान है।
प्रवासी भारतीयों का मुद्दा
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त के मुताबिक पीएम मोदी ब्रिटिश पीएम के समक्ष लगभग 100,000 अवैध भारतीय प्रवासियों के निर्वासन की सुविधा प्रदान करने का मुद्दा उठा सकते हैं। 2014 में एक समझौते के तहत इन भारतीयों को ब्रिटेन में रहने के लिए समझौता हुआ था। समझौते की अवधि खत्म हो गई है। उसे नए सिरे से जारी करने का मुद्दा पीएम मोदी अपने समकक्ष के समझ उठा सकते हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक एमओयू पर भी हस्ताक्षर दोनों देशों के बीच होगा।
ब्लैकमनी पर लगाएंगे लगाम
इससे पहले स्वीडन दौरे के दौरान पीएम मोदी ने कई समझौते पर हस्ताक्षर किए। नॉर्डिक देशों के सम्मेलन में भाग लेने के बाद उन्होंने भारतीयों समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था कि 2022 तक हमने भारत से कालेधन और भ्रष्टाचार से मुक्त करने का प्रण लिया है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि देश के 46 फीसद लोगों के स्वास्थ्य समस्या का निदान करने के लिए भाजपा सरकार ने आयुष्मान भारत नाम से बड़ी योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पांच लाख परिवार के करीब 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ सरकार की तरफ से मिलेगा। इसी तरह स्व-उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना की शुरुआत की गई है। 2020 तक बीपीएल के दायरे में आने वाले 8 करोड़ लोगों को फ्री में गैश कनेक्शन मुहैया कराने की योजना है। एनडीए सरकार के प्रयासों से विदेशों में भारत का सम्मान बढ़ा है। दुनिया के सभी देश भारत को एक भरोसेमंद राष्ट्र के रूप में देखने लगे हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देकर भारत में बिजनेस करने के काम को आसान बनाया है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि भारत वर्ल्ड इंडेक्स में टॉप 100 में आ गया है। अब भारत न्यू इंडिया का इंतजार कर रहा है।