अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब आगामी 20 जनवरी से बाइडन अपने राष्ट्रपति काल की शुरुआत करेंगे
नई दिल्ली। अमेरिकी चुनाव के नतीजे आ गए हैं, अमेरिका की बागडोर अब जो बाइडन के हाथ में आने वाली है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप को हराकर जो बाइडन अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब आगामी 20 जनवरी से बाइडन अपने राष्ट्रपति काल की शुरुआत करेंगे। सवाल यह है कि जब चुनाव के नतीजे आ गए है डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका की जनता ने नकार दिया है बावजूद इसके वे आगामी ढाई महीने तक अमेरिका के राष्ट्रपति बने रहेंगे जबकि वे चुनाव हार चुके हैं। दरअसल अमेरिकी कानून के मुताबिक किसी राष्ट्रपति के चुनाव हारने के बाद नए राष्ट्रपति को सत्ता सौंपने के लिए लंबा समय मिलता है, उस पीरियड को ट्रांजिशन पीरियड कहा जाता है।
क्या होती है ट्रांजिशन प्रक्रिया?
अमेरिका में प्रेसिडेंशियल ट्रांज़िशन प्रोसेस का काफी महत्व है, अमेरिका में निवर्तमान राष्ट्रपति सत्ता से हटने से पहले अपनी तमाम शक्तियां एवं सभी विभागों के नीतिगत दस्तावेज नवागत राष्ट्रपति को हस्तांतरित करते हैं। है। यह पूरी प्रक्रिया चुनाव के नतीजे आने से शपथ ग्रहण के बीच सम्पन्न होती है। वैसे सत्ता हस्तांतरण की शुरुआत चुनाव से पहले भी की जा सकती है।
ट्रांजिशन पीरियड में हुआ बदलाव
अमेरिकी कानून के मुताबिक निवर्तमान राष्ट्रपति को 'लेम डक' प्रेसिडेंट कहा जाता है। ऐसे राष्ट्रपति के बारे में कहा जाता है कि वे पद पर तो रहते हैं, लेकिन उसके पास सत्ता पर बने रहने की ताकत नहीं होती। दरअसल सन 1933 में अमेरिकी संविधान में 20वां संशोधन हुआ जिसमें ट्रांजिशन की अवधि को घटा दी गई। जबकि इससे पहले यह पीरियड 4 मार्च तक होता था। जो अब 20 जनवरी तय की गई है।