विश्‍व की अन्‍य खबरें

S-400 डील: आसान नहीं होगी भारत की राह, अमरीका से छूट पाना बड़ी चुनौती

अमरीका ने हाल ही में सीएएटीएसए कानून का प्रयोग कर एस-400 खरीदने पर चीन पर प्रतिबंध लगाए हैं

2 min read
S-400 डील: आसान नहीं होगी भारत की राह, अमरीका से छूट पाना बड़ी चुनौती

वाशिंगटन। भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की डील तो कर ली है, लेकिन उसे अमरीका से छूट मिल पाने में कई बड़ी अड़चने हैं। माना जा रहा है कि भारत को अमरीका से राहत मिल पाना अब भी बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका में पिछले साल बने कानून, काउंटरिंग अमरीकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन ऐक्ट (काटसा) के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाए जाने की बहुत सी वजहें हैं। बता दें कि काटसा कानून अमरीका को रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है।

क्या मिलेगी भारत को छूट

हालांकि भारत और रूस की डील के बाद आई पहली अमरीकी प्रतिक्रिया बेहद सधी हुई है। अमरीका ने बहुत सावधानी से अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमरीका ने यह जरूर कहा कि काटसा कानून का लक्ष्य भारत जैसे सहयोगी मित्रों को निशाना बनाना नहीं है। अमरीका ने हाल ही में सीएएटीएसए कानून का प्रयोग कर एस-400 खरीदने पर चीन पर प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि भारत का केस चीन से बहुत अलग है। भारत को चीन के मुकाबले खड़ा करना अमरीकी नीति का अहम हिस्सा है। यह भी सही है कि भारत पाकिस्तान के साथ साथ चीन से खतरों की दुहाई देकर एस-400 मिसाइल खरीद को वाजिब बता रहा है। अमरीका भारत को अपना रक्षा साझेदार भी मानता है। अमरीका और भारत के बीच कई अरब डॉलर की रक्षा सामग्री की खरीद का समझौता अपने अंतिम दौर में है।

अंतिम निर्णय ट्रम्प के हाथ

राजनयिक मामलों के जानकारों का कहना है कि अमरीकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का रवैया भारत के पक्ष में है लेकिन इस बारे में आखिरी फैसला डोनाल्ड ट्रंप को करना है। अमरीका मौखिक रुप से भारत के पक्ष में चाहे जो भी बयान दे लेकिन जब तक कागज पर नीतिगत रूप से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता तब तक भारत के लिए कोई सुखद स्थिति नहीं है। इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रंप को ही करना है, जो पिछले कुछ सप्ताह से भारत की व्यापार और शुल्क नीतियों के प्रति कठोर रुख अपनाए हुए हैं। बता दें कि ट्रंप ने पिछले सप्ताह भारत को टैरिफ किंग बताया था। ट्रंप ने आयातों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के लिए भारत की जमकर निंदा की थी।

ये भी पढ़ें

अमरीका: यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे ब्रेट कैवनॉग बने सुप्रीम कोर्ट के जज, सीनेट की मुहर लगने के बाद ली शपथ
Published on:
08 Oct 2018 08:56 am
Also Read
View All