17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी में मृतकों की संख्या बढ़कर 1763 हुई, 5000 लोग लापता

प्रलयकारी भूकंप और फिर सुनामी में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,763 हो गई है। प्रशासन ने कहा कि कम से कम 5,000 लोग अभी भी लापता हैं।

2 min read
Google source verification

जकार्ताः इंडोनेशिया के सुलवेसी द्वीप में आए प्रलयकारी भूकंप और फिर सुनामी में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,763 हो गई है। प्रशासन ने कहा कि कम से कम 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने कहा कि द्वीप पर 28 सितंबर को 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी के बाद बचाव कर्मी और अधिकारी इसका आंकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि कई गांव तबाह होने के बाद कितने लोग लापता हैं। नुग्रोहो ने कहा, "जो लोग अभी तक नहीं मिले हैं, उन्हें लापता घोषित कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में हुई तबाही का पूरा आंकलन होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

पालू में मची सबसे ज्यादा तबाही
स्थानीय मीडिया के अनुसार, भूकंप के कारण हल्की मिट्टी दलदल में तब्दील हो गई, जिसमें इमारतें समा गईं और लापता लोगों की सूची पास में स्थित प्रांतीय राजधानी पालू में स्थित पेटोबो भेज दी गई है। यहां लगभग 2050 घर दलदल में दफन हो गए। प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे विभिन्न संगठनों की चेतावनी के बावजूद इंडोनेशियाई प्रशासन ने इससे पहले सिर्फ कुछ सौ लोगों के लापता होने का अंदाजा लगाया था। संगठनों ने कहा था कि पालू स्थित सिर्फ पेटोबो और बालारोआ में ही हजारों लोग लापता हुए हैं। नुग्रोहो ने कहा कि अब तक ज्यादातर पीड़ित (1,519), क्षेत्र के वाणिज्यिक केंद्र और मुख्य शहर पालू से ही थे। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या 2,632 है, जबकि विस्थापित 62,000 लोगों को लगभग 147 अस्थाई शिविरों में ठहराया गया है।

दूरदराज तक पहुंची मदद
स्थानीय प्रशासन ने दावा किया है कि भूकंप के बाद दूरदराज इलाकों तक राहत सहायता पहुंचनी शुरू हो गई है। स्थानीय अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा डोंगगला और अन्य दूरदराज के इलाकों जैसे सिजी में सहायता प्रदान की जा रही है। इंडोनेशियाई सेना से जुड़े कई हेलीकॉप्टर खाद्य और बुनियादी सहायता प्रदान करने के लिए दूरदराज के इलाकों में उड़ान भर रहे हैं।