वाशिंगटन पोस्ट में लिखने वाले खाशोगी को अंतिम बार सऊदी वाणिज्यदूतावास में प्रवेश करते हुए यहां दो अक्टूबर को देखा गया था
इस्तांबुल। सऊदी अरब सरकार एक शीर्ष खुफिया अधिकारी को पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराने पर विचार कर रही है। यह शीर्ष खुफिया अधिकारी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का करीबी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,खाशोगी के लापता होने के बाद से सऊदी अरब पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरूप मेजर जनरल अहमद अल असीरी को दोषी ठहराने की योजना एक असाधारण स्वीकारोक्ति होगी।
असीरी सलमान का उच्चस्तरीय सलाहकार
असीरी,क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का एक उच्चस्तरीय सलाहकार है। वर्जीनिया निवासी और वाशिंगटन पोस्ट में लिखने वाले खाशोगी को अंतिम बार सऊदी वाणिज्यदूतावास में प्रवेश करते हुए यहां दो अक्टूबर को देखा गया था। पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में सऊदी योजना के जानकार तीन लोगों से बातचीत के आधार पर दी है। वाशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि जनरल असीरी को जिम्मेदार ठहराने से प्रत्यक्ष हत्या का एक स्वीकार्य स्पष्टीकरण प्राप्त हो सकता है। तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने साक्ष्य प्राप्त किए हैं,जो बताते हैं कि 15 सऊदी एजेंटों ने खाशोगी की वाणिज्यदूतावास में हत्या कर दी और उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर डाले।
ट्रंप ने स्वीकार की खशोगी की मौत
ट्रंप ने पहली बार स्वीकार किया कि खशोगी की मौत हो गई है। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "यह निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत दुःख की बात है। ट्रंप ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ विदेश सचिव माइक पोम्पियो की आपातकालीन वार्ता के परिणामों पर ब्रीफिंग के बाद यह बयान जारी किया। बता दें कि माइक पोम्पियो ने अपनी बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ट्रंप को सलाह दी है कि खशोगी के गायब होने की जांच पूरी करने के लिए सऊदी अरब को कुछ और समय दे दिया जाय। उधर तुर्की के अधिकारियों का मानना है कि सऊदी पत्रकार की हत्या वाणिज्य दूतावास में हुई थी और उनके शरीर को टुकड़ों में काटकर कहीं और ले जाया गया था।