HIGHLIGHTS Terrorist Attack In Nice Church: सऊदी अरब ( Saudi Arabia ) ने फ्रांस के में नीस के नोट्रे-डेम कैथेड्रल के पास आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब के कहा है कि ऐसे चरमपंथी हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है जो सभी धर्मों और मानवीय विश्वासों के खिलाफ हैं।
रियाद। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ( President Emmanuel Macron ) के बयान के खिलाफ जहां पूरी दुनिया के इस्लामिक देशों में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है, वहीं सऊदी अरब ने एक अलग दृष्टिकोण दिखाया है।
तमाम इस्लामिक देशों के उलट सऊदी अरब ( Saudi Arabia Backs France ) ने फ्रांस के में नीस के नोट्रे-डेम कैथेड्रल के पास आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। गुरुवार को एक शख्स ने चाकू से वार करते हुए एक महिला मेत तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जबकि कई घायल हो गए थे।
विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के रुख को स्पष्ट करते कहा है कि ऐसे चरमपंथी हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है जो सभी धर्मों और मानवीय विश्वासों के खिलाफ हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी ( SPA ) द्वारा दिए गए एक बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब ने उन प्रथाओं को खारिज करने के महत्व पर जोर दिया जो घृणा, हिंसा और अतिवाद को फैलाते हैं।
आपको बता दें कि तुर्की, पाकिस्तान, बांग्लादेश, कतर, ईरान, मलेशिया आदि अन्य देशों में फ्रांस के खिलाफ जिस तरह से विरोध किया जा रहा है और सरकार की ओर से विवादित टिप्पणियां की जा रही है उन सबसे इतर सऊदी अरब फ्रांस के साथ खड़ा होने वाला पहला इस्लामिक देश बन है।
तुर्की और पाकिस्तान ने मैक्रों की आलोचना की
आपको बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा इस्लाम को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ दुनियाभर के मुस्लिम देशों में विरोध किया जा रहा है। पाकिस्तान और तुर्की ने मैक्रों के बयान की आलोचना करते हुए तमाम मुस्लिम देशों से आग्रह किया है कि इस्लाम के खिलाफ बोलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ( Turkish President Recep Tayyip Erdogan ) ने को सारी सीमा को लांघते हुए इमैनुएल मैक्रों को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा था कि उन्हें अपना मानसिक इलाज कराना चाहिए। दूसरी तरफ मलेशिया के पूर्व पीएम महाथिर मोहम्मद ने भी मैक्रों की आलोचना करते हुए कहा कि फ्रांस ने अपने इतिहास में लाखों लोगों का मारा है, जिनमें कई मुस्लिम थे।
इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की निंदा की और इस्लामिक देशों को पत्र लिखते हुए अपील की कि पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इमरान खान ने इसके अलावा फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को भी एक पत्र लिखा था और कहा था कि इस्लामोफोबिया से संबंधित सभी तरह के कंटेंट को पेज से हटाया जाए। बांग्लादेश में भी फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।