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कुरैशी की अमरीका को सलाह- अफगानिस्तान से सैन्य वापसी में 1980 जैसी गलती न दोहराएं

अमरीकी सैनिकों की वापसी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिबद्धता के बारे में बात कर रहे थे कुरैशी इमरान खान के संभावित भारत दौरे पर कुरैशी ने की टिप्पणी
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Shah Mehmood Qureshi
Shah Mehmood Qureshi

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ( Pakistan ) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान ( Afghanistan ) से सैनिक हटाने के संबंध में अमरीका को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि अमरीका को अफगानिस्तान से सैनिकों ( US Troops in Afghanistan ) की वापसी जिम्मेदारी के साथ करनी चाहिए और उसे 1980 के दशक की सैन्य वापसी जैसी गलती दोहरानी नहीं चाहिए। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुरैशी ने यह बात एक अंग्रेजी मीडिया के साथ इंटरव्यू में यह बात कही। कुरैशी क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर अमरीकी प्रशासन के साथ वार्ता करने के लिए वॉशिंगटन पहुंचे थे। उन्होंने संघर्षग्रस्त अफगानिस्तान में तैनात अमरीकी सैनिकों की वापसी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिबद्धता के बारे में बात की।

क्षेत्र में नकारात्मक प्रभावों और तनाव को टालने के लिए रूहानी से बातचीत

इस दौरान उन्होंने उल्लेख किया कि पाकिस्तान ने शांति और स्थिरता की उम्मीद में राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध पर तालिबान के साथ बातचीत की। ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ उनकी हालिया वार्ता के शुरुआती लक्ष्य पर किए एक सवाल के जवाब में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में नकारात्मक प्रभावों और तनाव को टालना था। उन्होंने अफगान शांति प्रक्रिया पर अमरीका और तालिबान के बीच एक समझौते की उम्मीद जताई और कहा कि तालिबान आज अमरीका के साथ बातचीत कर रहा है और समझौते की संभावना है।

भविष्य के बारे में बात करने में सभी की दिलचस्पी

कुरैशी ने कहा कि गुरुवार को तालिबान द्वारा 7-10 दिनों के संघर्ष विराम की घोषणा करने के बारे में उल्लेख करने से पहले वे बातचीत के लिए अगला कदम उठा सकते हैं। हक्कानी नेटवर्क का समर्थन करने में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर, विदेश मंत्री ने कहा, 'भूतकाल के बजाय, भविष्य के बारे में बात करते हैं, जिसमें सभी की दिलदस्पी है।'

इमरान खान के संभावित भारत दौरे पर टिप्पणी

यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री इमरान खान इस अक्टूबर में भारत में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, इस पर उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री बहुत स्पष्ट हैं कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाता है तो पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़ाएगा। दुर्भाग्य से भारत नकारात्मक रवैया दिखा रहा है।'

Updated on:
19 Jan 2020 02:56 pm
Published on:
19 Jan 2020 02:42 pm