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ऑस्ट्रेलिया में कहीं आग, बारिश तो कही सूखे जैसे हालात

बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन पर इसका असर देखने को मिला, वहीं न्यू साउथ वेल्स में अभी भी आग को बुझाया नहीं जा सका है।

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australia rainfall

मेलबर्न। बीते चार माह में ऑस्ट्रेलिया आग और बारिश की मार झेल रहा है। अब यहां भारी बारिश शुरू हो गई है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से आग बुझाने में तो मदद मिली। मगर कई इलाकों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। वहीं न्यू साउथ वेल्स में अभी भी आग को बुझाया नहीं जा सका है। ऐसे में यहां पर सूखे जैसे हालात हैं।

बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन पर इसका असर देखने को मिला। बीते 24 घंटे में बॉयरन बे सबसे अधिक 11 इंच बारिश हुई यहां के कई स्टोर में पानी प्रवेश कर गया और एक स्थान पर मडस्लाइड की घटना भी देखने को मिली। स्टेट इमर्जेंसी सर्विस ने बाढ़ आने से पहले निचले इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।

मेट्रोलॉजी ब्यूरो ने तेज बारिश और हवा और बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। ब्यूरो के अनुसार अगले दो दिनों में बारिश की स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। कई इलाकों में 4 सेमी.से ज्यादा बारिश होने का पूर्वानुमान है। ट्रॉपिकल सायक्लाेन डैमियन भी धमक दे सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 150 किमी. प्रति घंटे से 250 किमी. प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

बारिश के कारण आग से राहत

रुरल फायर सर्विस कमिश्नर शेन फिट्जसाइमन्स ने कहा कि बारिश से दर्जन भर स्थानों पर जंगल में लगी आग से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अभी भी राज्य में 42 स्थानों पर आग लगी है। इनमें से 17 स्थानों पर इसे नियंत्रित करना बाकी है। बारिश आग से निपटने के लिए अच्छी है। हम नहीं चाहते कि बाढ़ से ज्यादा नुकसान या सेवाएं बाधित हो। मगय कई महीनों से जल रही आग को बुझाने के लिए बारिश वाकई स्वागत योग्य है।

ऑस्ट्रेलिया में आग से अब तक 34 की मौत

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में चार माह पहले लगी आग पर अभी तक काबू पाया नहीं जा सका है। हजारों लोग घरों से पलायन कर गए हैं। अभी तक इस आग के कारण 34 लोगों की मौत हो चुकी है। जुलाई से अब तक न्यू साउथ वेल्स में 70 लाख एकड़ क्षेत्र जल चुका है। यहां पर आग की वजह से दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में सूखे जैसे हालात पैदा हाे गए हैं। पानी की कमी के कारण सबसे खराब हालात न्यू साउथ वेल्स में है। जमीन में बिल्कुल नमी नहीं है। घास तक नहीं बची है। पशु भूख और पानी से मर रहे हैं। लोग शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। यहां के 57 फीसदी हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।

Updated on:
10 Feb 2020 03:06 pm
Published on:
10 Feb 2020 03:05 pm
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