मून का कहना है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर अंकुश लगाने में ट्रंप का अहम योगदान रहा है।
सियोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे अमरीकी राष्ट्रपति पर इस कदर गदगद हैं कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार देने की वकालत कर डाली। उनका कहना है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर अंकुश लगाने में ट्रंप का अहम योगदान रहा है। एक बैठक के दौरान मून ने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ वे शांति चाहते थे जिसे ट्रंप ने सच कर दिखाया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अपने दक्षिण कोरियाई यात्रा के दौरान कसम खाई है कि वह अब कोरयाई क्षेत्र में परमाणु कार्यक्रामों को बढ़ावा नहीं देंगे।
ट्रंप और किम की मुलाकात बड़ा कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम की मुलाकात को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे ने सहासिक कदम बताया है। उनका कहना कि इस कदम से कोरियाई क्षेत्र में शांति बहाल होगी। गौरतलब है कि ट्रंप और किम की मुलाकात अगले कुछ माह में होने की उम्मीद है। ट्रंप प्रशासन ने उत्तरी कोरिया पर कभी कठोर प्रतिबंध लगाने के लिए वैश्विक प्रयासों का नेतृत्व किया था। इस दौरान पूरे कोरियाई क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया था। ट्रंप और किम के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद ट्रंप ने अपनी रणनीति बदली और किम से मिलने की इच्छा जाहिर की। ट्रंप का कहना है कि वह किम से मिलकर सारे मतभेद दूर करना चाहते हैं।
ओबामा को मिल चुका है नोबेल
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था। यह पुरस्कार उनके राष्ट्रपति बनने के कुछ माह बाद ही मिल गया था। परमाणु निशस्त्रीकरण को लेकर उनके प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। जानकारों का कहना कि ओबामा को उस वक्त सत्ता संभाले ज्यादा वक्त नहीं हुआ था। इसके बावजूद वह शांति नोबल पुरस्कार के विजेता बने।