पत्रकार की हत्या में उनके करीबी का हाथ बताया जा रहा हैै, जिसने बड़ी बेरहमी से उनकी हत्या की
वॉशिंगटन। पत्रकार खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सुल्तान के अधिकारों में कटौती करने का फैसला लिया है। पत्रकार की हत्या में उनके करीबी का हाथ बताया जा रहा हैै। जिसने बड़ी बेरहमी से पहले उनकी हत्या की, बाद में शव के कई टुकड़े कर जला दिए गए। इस मामले को लेकर अमरीका के राष्ट्रपति ने भी ऐतराज जताया और कहा कि वह इस हत्या की साजिश रचने वाले को कड़ी सजा सुनाएंगे। ट्रंप ने सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की मौत की आशंका जताते हुए गुरुवार को कहा कि वह मर चुके हैं। इस मामले में और जांच की जा रही है। कुछ दिन में इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी। यदि इसमें सऊदी के उच्च अधिकारियों का हाथ हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप के इस बयान के बाद सऊदी सरकार हरकत में आ गई है।
सऊदी सरकार की लीपापोती की कर रही कोशिश
इस मामले में कहा जा रहा है कि जिस व्यक्ति पर तलवार गिरेगी,वह है मेजर जनरल अहमद अल-अस्सिरी। अस्सिरी सऊदी खुफिया एजेंसी के डिप्टी चीफ हैं और प्रिंस सुल्तान के बेहद करीबी माने जाते हैं। अस्सिरी पर एक दुष्ट ऑपरेशन चलाने का आरोप है, जो खशोगी की हत्या के साथ खत्म हुआ। मामले में सऊदी सरकार की लीपापोती की कोशिश तब हुई जब ट्रंप ने इस मामले में कहा कि यदि इस हत्या में उच्च अधिकारियों के शामिल होने के सबूत मिले तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
सुल्तान के अधिकारों को कम करने का फैसला लिया
रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए किंग सलमान ने प्रिंस सुल्तान के अधिकारों को कम करने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सऊदी के शाही परिवार से जुड़े पांच सूत्रों ने बताया कि 11 अक्टूबर को किंग सलमान ने अपने विश्वस्त प्रिंस खलीद अल-फैसल,जो मक्का के गवर्नर हैं,को इस्तांबुल भेजा ताकि वे संकट को कुछ कम कर सकें। प्रिंस फैसल के दौरे के समय ही सऊदी अरब और तुर्की खशोगी की मौत की जांच के लिए संयुक्त टीम बनाने पर सहमत हुए।